वैश्नवी आडकर ने रचा इतिहास, W100 फाइनल में पहुंचने वाली 2009 के बाद पहली भारतीय महिला

वैश्नवी आडकर ने रचा इतिहास, W100 फाइनल में पहुंचने वाली 2009 के बाद पहली भारतीय महिला

भारतीय टेनिस को 21 वर्षीय वैश्नवी आडकर के रूप में नई उभरती हुई सितारा खिलाड़ी मिली है। पुणे की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने बेंगलुरु में आयोजित आईटीएफ महिला ओपन के W100 टूर्नामेंट में एकल फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रच दिया। वह 2009 के बाद W100 या उससे उच्च स्तर के एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। यह उपलब्धि भारतीय महिला टेनिस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।

वैश्नवी आडकर ने इस टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड के रूप में प्रवेश किया था और उनकी विश्व रैंकिंग 690 थी। इसके बावजूद उन्होंने कई उच्च रैंकिंग वाली खिलाड़ियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उन्हें बेल्जियम की विश्व नंबर 124 हन्ने वांडेविंकेल से 6-0, 6-1 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनका समग्र प्रदर्शन सराहनीय रहा।

फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्हें 65 डब्ल्यूटीए रैंकिंग अंक और 8,147 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। इस प्रदर्शन से उनकी लाइव रैंकिंग में 200 से अधिक स्थानों की छलांग लगी और वे लगभग विश्व नंबर 466 के आसपास पहुंच गईं। इससे पहले 2009 में सानिया मिर्जा ने इस स्तर के टूर्नामेंट में फाइनल तक पहुंचने का कारनामा किया था।

14 दिसंबर 2004 को पुणे में जन्मी वैश्नवी ने सात वर्ष की आयु में टेनिस खेलना शुरू किया। जूनियर स्तर पर उन्होंने लगातार प्रगति करते हुए आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में 115वां स्थान हासिल किया और भारत की अंडर-14 नंबर 1 खिलाड़ी बनीं।

2025 का सत्र उनके लिए विशेष रूप से सफल रहा। उन्होंने फेनेस्टा महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती और 2025 विश्व विश्वविद्यालय खेलों में कांस्य पदक प्राप्त किया। इस उपलब्धि के साथ भारत ने 46 वर्षों बाद इस प्रतियोगिता में पदक जीता।

वैश्नवी आडकर बाउंस टेनिस अकादमी में कोच केदार शाह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्हें ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोहन बोपन्ना का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। शांत स्वभाव और दमदार बैकहैंड के लिए जानी जाने वाली वैश्नवी ने बेंगलुरु में अपने प्रदर्शन का श्रेय आत्मविश्वास और रणनीतिक योजना को दिया।

उन्होंने आगामी अप्रैल में होने वाले फेड कप (अब बिली जीन किंग कप) में भारतीय टीम में स्थान बनाने की इच्छा भी व्यक्त की है। पिछले वर्ष को चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।

  • आईटीएफ W100 प्रतियोगिताएं महिला विश्व टेनिस टूर सर्किट का हिस्सा होती हैं।
  • डब्ल्यूटीए रैंकिंग अंक पेशेवर महिला टेनिस खिलाड़ियों की वैश्विक स्थिति निर्धारित करते हैं।
  • फेनेस्टा नेशनल्स भारत की प्रमुख घरेलू टेनिस चैंपियनशिप है।
  • फेड कप, जिसे अब बिली जीन किंग कप कहा जाता है, महिला टेनिस की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टीम प्रतियोगिता है।

वैश्नवी आडकर का W100 फाइनल तक का सफर भारतीय महिला एकल टेनिस के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। सानिया मिर्जा के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भारतीय महिला की इस तरह की सफलता ने यह संकेत दिया है कि भारतीय टेनिस में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उनकी तेज रैंकिंग उछाल और निरंतर प्रदर्शन आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर भारत की उपस्थिति को और मजबूत कर सकते हैं।

Originally written on February 23, 2026 and last modified on February 23, 2026.

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