वेदांता समूह के निदेशक अग्निवेश अग्रवाल का आकस्मिक निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
वेदांता समूह के निदेशक और उद्योगपति अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में कार्डियक अरेस्ट (हृदयगति रुकने) के कारण 49 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। यह खबर राजनीतिक और उद्योग जगत में शोक की लहर ले आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस असामयिक निधन को अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाला बताया तथा शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
निधन की परिस्थितियाँ
सूत्रों के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में स्कीइंग करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती किया गया था। पहले उनकी स्थिति में सुधार बताया गया था, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
अनिल अग्रवाल ने एक भावुक संदेश के माध्यम से बेटे के निधन की पुष्टि की और कहा कि पूरा परिवार इस दुखद घटना से टूट गया है।
शिक्षा और व्यावसायिक जीवन
3 जून 1976 को पटना में जन्मे अग्निवेश अग्रवाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मेयो कॉलेज, अजमेर से प्राप्त की। बाद में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में Fujairah Gold नामक धातु रिफाइनरी की स्थापना की, जिससे उनके वैश्विक धातु उद्योग में रुचि का संकेत मिला।
समय के साथ उन्होंने वेदांता समूह की विभिन्न कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाईं और एक शांत, लेकिन प्रभावशाली नेतृत्व शैली के लिए पहचाने गए।
वेदांता समूह में नेतृत्व और योगदान
अग्निवेश अग्रवाल ने 2005 से 2019 तक हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में कार्य किया। यह कंपनी वेदांता समूह द्वारा 2002 में भारत सरकार से अधिग्रहित की गई थी।
इसके पश्चात, मई 2019 से वे Talwandi Sabo Power Limited के प्रमुख थे, जो पंजाब में स्थित एक ताप विद्युत संयंत्र है। इन भूमिकाओं के माध्यम से उन्होंने वेदांता की धातु, खनन और ऊर्जा उत्पादन में स्थिति को सुदृढ़ किया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में औद्योगिक विकास का समर्थन किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वेदांता समूह एक वैश्विक प्राकृतिक संसाधन कंपनी है, जिसका मुख्यालय लंदन में है।
- हिंदुस्तान ज़िंक को भारत सरकार से 2002 में वेदांता ने अधिग्रहित किया था।
- Talwandi Sabo Power Limited पंजाब में एक ताप विद्युत परियोजना संचालित करता है।
- कार्डियक अरेस्ट (हृदयगति रुकना) विश्व भर में अचानक मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।
सामाजिक दृष्टिकोण और श्रद्धांजलियाँ
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर अग्रवाल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और इस कठिन समय में उन्हें धैर्य और शक्ति प्रदान होने की कामना की।
अनिल अग्रवाल ने अपने पुत्र को याद करते हुए कहा कि अग्निवेश एक आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में विश्वास रखते थे और उनका ध्यान समावेशी विकास, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार पर था।
उनकी असामयिक मृत्यु न केवल परिवार के लिए व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि भारत के कॉर्पोरेट नेतृत्व परिदृश्य में भी एक महत्वपूर्ण शून्य छोड़ गई है।