विश्व रेडियो दिवस 2026: रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय मंथन

विश्व रेडियो दिवस 2026: रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय मंथन

विश्व रेडियो दिवस 2026 के अवसर पर आकाशवाणी रायपुर द्वारा 13 फरवरी को एक विशेष कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम “रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर केंद्रित होगा और इसका आयोजन रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा, जबकि पंजीकरण 9:30 बजे से प्रारंभ होगा। यह आयोजन यूनेस्को के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य डिजिटल युग में रेडियो की बदलती भूमिका पर गंभीर विमर्श करना है।

रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बदलता परिदृश्य

इस वर्ष की थीम “रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” प्रसारण क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से समाचार कक्ष संचालन, सामग्री निर्माण, स्वचालित कार्यप्रवाह और बहुभाषी प्रसारण को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

एआई आधारित उपकरणों की मदद से श्रोताओं की पसंद के अनुसार कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे जनसंचार अधिक सटीक और व्यापक हो रहा है। हालांकि, तकनीकी बदलावों के बीच रेडियो की विश्वसनीयता और भरोसेमंद छवि को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह कॉन्क्लेव इसी संतुलन पर विचार-विमर्श का मंच प्रदान करेगा।

विशिष्ट अतिथि और सहभागिता

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मीडिया विशेषज्ञ, प्रसारण क्षेत्र के प्रतिनिधि और अन्य आमंत्रित प्रतिभागी इसमें भाग लेंगे।

आकाशवाणी के महानिदेशक द्वारा विभिन्न हितधारकों और गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रण भेजा गया है। प्रतिभागियों को सुरक्षा कारणों से आमंत्रण पत्र साथ लाने और कार्यक्रम के दौरान मोबाइल फोन को साइलेंट मोड में रखने की सलाह दी गई है। यह आयोजन सार्वजनिक प्रसारण के भविष्य और तकनीकी नवाचारों के समन्वय पर केंद्रित रहेगा।

विश्व रेडियो दिवस का महत्व

विश्व रेडियो दिवस प्रतिवर्ष 13 फरवरी को मनाया जाता है। यह तिथि वर्ष 1946 में संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना की स्मृति में चुनी गई है। वर्ष 2011 में यूनेस्को के महासम्मेलन ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस घोषित किया, जिसे 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में औपचारिक स्वीकृति दी।

रेडियो को सूचना प्रसार, शिक्षा और संवाद का सशक्त माध्यम माना जाता है। विशेषकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में यह आज भी सबसे सुलभ और विश्वसनीय संचार माध्यम बना हुआ है। डिजिटल युग में भी रेडियो ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है और नई तकनीकों को अपनाते हुए स्वयं को समयानुकूल ढाला है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • विश्व रेडियो दिवस प्रतिवर्ष 13 फरवरी को मनाया जाता है।
  • 13 फरवरी 1946 को संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना हुई थी।
  • यूनेस्को ने वर्ष 2011 में इस दिवस की घोषणा की थी, जबकि 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे औपचारिक मान्यता दी।
  • आकाशवाणी, ऑल इंडिया रेडियो का आधिकारिक नाम है।

समग्र रूप से, विश्व रेडियो दिवस 2026 का यह कॉन्क्लेव रेडियो के बदलते स्वरूप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ उसके समन्वय पर गहन विचार का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन दर्शाता है कि तकनीकी परिवर्तन के दौर में भी रेडियो एक सशक्त, विश्वसनीय और अनुकूलनीय माध्यम के रूप में समाज की सेवा करता रहेगा।

Originally written on February 12, 2026 and last modified on February 12, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *