विशाखापत्तनम में ‘मिलन-2026’ नौसैनिक अभ्यास का शुभारंभ, 74 देशों की भागीदारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ‘मिलन-2026’ के 13वें संस्करण का उद्घाटन किया। यह विश्व के प्रमुख बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक है और भारत की बढ़ती समुद्री पहुंच तथा विश्वसनीय समुद्री भागीदार के रूप में उसकी भूमिका को रेखांकित करता है। वर्ष 2026 का यह संस्करण 74 देशों की भागीदारी के साथ अब तक का सबसे बड़ा और समावेशी आयोजन माना जा रहा है।
उद्घाटन अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि बढ़ती वैश्विक भागीदारी भारत के नेतृत्व और सहयोगात्मक सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को दर्शाती है। यह आयोजन भारत की समुद्री कूटनीति और रणनीतिक दृष्टि को मजबूत करता है।
क्षेत्रीय पहल से वैश्विक मंच तक
‘मिलन’ अभ्यास की शुरुआत एक क्षेत्रीय पहल के रूप में हुई थी, किंतु समय के साथ यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक मंच के रूप में विकसित हो गया। प्रत्येक संस्करण के साथ इसका दायरा और पैमाना बढ़ता गया, जिससे मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिला।
मिलन-2026 का आयोजन भारतीय नौसेना के पूर्वी नौसैनिक कमान के तत्वावधान में विशाखापत्तनम में किया जा रहा है। उद्घाटन से पूर्व वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने संचालनात्मक तैयारियों की समीक्षा की।
अंतर-संचालन क्षमता और पेशेवर आदान-प्रदान
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सहभागी नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को सुदृढ़ करना है। विभिन्न देशों की नौसेनाएं संयुक्त समुद्री अभ्यास, सामरिक अभ्यास और पेशेवर विचार-विमर्श के माध्यम से अपने अनुभव साझा करती हैं।
समुद्र में आयोजित संयुक्त अभ्यासों के साथ-साथ तट पर संगोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इससे न केवल संचालनात्मक समन्वय बढ़ता है, बल्कि आपसी विश्वास और समझ भी मजबूत होती है।
समुद्री सहयोग का रणनीतिक महत्व
74 देशों की भागीदारी मिलन-2026 को बड़े पैमाने के बहुपक्षीय संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामूहिक समुद्री सुरक्षा और सहयोगात्मक सहभागिता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
भारत की समुद्री नीति सहयोगात्मक सुरक्षा, स्वतंत्र नौवहन और नियम-आधारित व्यवस्था पर बल देती है। ऐसे अभ्यास साझा समुद्री चुनौतियों—जैसे समुद्री डकैती, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता—से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ करते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘मिलन’ एक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसकी मेजबानी भारतीय नौसेना करती है।
- पूर्वी नौसैनिक कमान का मुख्यालय विशाखापत्तनम में स्थित है।
- अंतर-संचालन क्षमता का अर्थ है विभिन्न सेनाओं का प्रभावी रूप से एक साथ कार्य करने की क्षमता।
- भारत की समुद्री नीति हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगात्मक सुरक्षा पर जोर देती है।
मिलन-2026 भारत की समुद्री कूटनीति और वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेशेवर और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से यह अभ्यास मित्र देशों के बीच विश्वास को गहरा करेगा और साझा समुद्री चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक क्षमता को मजबूत करेगा।