वियतनाम से आयातित स्टील पर भारत ने पांच वर्ष की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई
भारत ने घरेलू स्टील उद्योग की रक्षा के लिए वियतनाम से आयातित हॉट-रोल्ड फ्लैट स्टील पर पांच वर्ष की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम विदेशी सस्ते स्टील की आमद को रोकने और भारतीय उत्पादकों को अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वियतनामी स्टील पर 121.55 डॉलर प्रति टन शुल्क
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने वियतनाम से आने वाले हॉट-रोल्ड फ्लैट स्टील पर 121.55 अमेरिकी डॉलर प्रति टन की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई है। यह शुल्क एलॉय और नॉन-एलॉय दोनों प्रकार के स्टील पर लागू होगा, जिनकी मोटाई 25 मिलीमीटर तक और चौड़ाई 2,100 मिलीमीटर तक है। यह ड्यूटी स्टेनलेस, कोटेड, प्लेटेड और क्लैड स्टील उत्पादों पर लागू नहीं होगी। अधिकांश वियतनामी निर्यातकों पर यह शुल्क लगाया गया है, जबकि Hoa Phat Dung Quat Steel JSC को कम डंपिंग मार्जिन के कारण छूट दी गई है।
चीनी स्टील के अप्रत्यक्ष प्रवेश पर रोक
विशेषज्ञों का कहना है कि वियतनाम से आने वाला स्टील अक्सर चीन से भेजे गए सस्ते स्टील का माध्यम बनता है। भारत ने वित्त वर्ष 2024–25 में लगभग 9.5 मिलियन टन स्टील आयात किया, जिसमें 2.4 मिलियन टन चीन से आया। इस पृष्ठभूमि में वियतनामी स्टील पर ड्यूटी लगाना चीन के अप्रत्यक्ष निर्यात को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। शुरुआती वित्त वर्ष 2025–26 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में तैयार स्टील के आयात में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिसमें चीनी शिपमेंट्स में भी तेज कमी दर्ज की गई है।
आत्मनिर्भर भारत और व्यापार सुरक्षा नीति का हिस्सा
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम व्यापक व्यापार-सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सेफगार्ड टैरिफ और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर जांच भी शामिल है। यह नीति आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) अभियान के अनुरूप है, जो रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर बल देती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एंटी-डंपिंग ड्यूटी: 121.55 अमेरिकी डॉलर प्रति टन।
- लागू उत्पाद: एलॉय और नॉन-एलॉय हॉट-रोल्ड फ्लैट स्टील (25 मिमी मोटाई, 2,100 मिमी चौड़ाई तक)।
- छूट प्राप्त कंपनी: Hoa Phat Dung Quat Steel JSC (वियतनाम)।
- भारत के स्टील आयात (FY25): 9.5 मिलियन टन, जिसमें 2.4 मिलियन टन चीन से।
उद्योग पर संभावित प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, वियतनाम का भारत के कुल स्टील आयात में हिस्सा सीमित है, इसलिए यह कदम चीनी स्टील के प्रवाह को केवल आंशिक रूप से नियंत्रित कर पाएगा। हालांकि, यह ड्यूटी घरेलू उत्पादकों के लिए राहत का संकेत है और सरकार के व्यापार-संतुलन व आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को बल देगी। भविष्य में चीन की प्रतिक्रिया और भारतीय उद्योग की क्षमता-वृद्धि पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि बढ़ती मांग के बीच भारत का स्टील क्षेत्र नई व्यापार-सुरक्षा नीतियों के अनुरूप ढलने की तैयारी कर रहा है।