वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण (VBIED) : शहरी सुरक्षा के लिए बढ़ती चुनौती

वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण (VBIED) : शहरी सुरक्षा के लिए बढ़ती चुनौती

लाल किले के पास हुए हालिया हमले ने एक बार फिर वाहन आधारित अस्थायी विस्फोटक उपकरणों (Vehicle-borne Improvised Explosive Devices – VBIEDs) के बढ़ते उपयोग की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यह रणनीति खासकर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक जोखिम उत्पन्न करती है, क्योंकि इसमें गतिशीलता, छिपाव और विनाशकारी शक्ति का संयोजन होता है।

VBIED का अर्थ और संरचना

VBIED एक सामान्य वाहन को घातक विस्फोटक उपकरण में बदल देता है। पारंपरिक छोटे IEDs के विपरीत, VBIED वाहन की धातु संरचना को ही मुख्य विखंडन स्रोत के रूप में उपयोग करता है। इससे विस्फोट की तीव्रता और प्रभाव क्षेत्र दोनों कई गुना बढ़ जाते हैं। वाहन के भीतर विस्फोटकों का संकेंद्रण होने से उत्पन्न झटका-तरंग (shockwave) इतनी शक्तिशाली होती है कि वाहन का पूरा ढांचा धातु के टुकड़ों में बदलकर आसपास के क्षेत्र में घातक प्रभाव डालता है।

VBIED कैसे काम करता है

इन उपकरणों में विस्फोटक सामग्री वाहन की सीटों, डिक्की या इंजन कम्पार्टमेंट में छिपाई जाती है। विस्फोट के समय वाहन का धातु ढांचा स्वयं विस्फोटक के साथ मिलकर घातक टुकड़ों में बिखर जाता है। कुछ हमलों में चालक स्वयं वाहन के भीतर रहकर विस्फोट करता है इसे ‘सुसाइड VBIED’ कहा जाता है। इस प्रकार का हमला इसलिए अधिक खतरनाक होता है क्योंकि वाहन को सीधे भीड़भाड़ या संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकता है।

पहचान में कठिनाइयाँ

VBIED का सबसे बड़ा खतरा इसका सामान्य दिखना है। हमलावर आमतौर पर लोकप्रिय या साधारण मॉडल के वाहनों का उपयोग करते हैं ताकि वे भीड़ में आसानी से घुलमिल सकें। कई बार पेशेवर दिखने वाले लोग किराए के मकान लेना, वाहन खरीदना या उन्हें लंबे समय तक पार्क करना जैसे कार्य करके तैयारी करते हैं, जिससे उन पर संदेह नहीं होता। बड़े शहरों में भारी ट्रैफिक के कारण हर वाहन की जांच संभव नहीं होती, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इनकी पहचान करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण बन जाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • VBIED (Vehicle-borne Improvised Explosive Device) वह विस्फोटक उपकरण है जो किसी वाहन में छिपाया जाता है।
  • वाहन की संकुचित संरचना विस्फोट की शक्ति और विखंडन प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है।
  • जब चालक स्वयं वाहन के भीतर रहकर विस्फोट करता है, उसे ‘सुसाइड VBIED’ कहा जाता है।
  • महानगरों में ट्रैफिक की अधिकता और सामान्य वाहनों का मिश्रण सुरक्षा जांच को कठिन बनाता है।

रोकथाम और जनसहभागिता

सुरक्षा एजेंसियाँ निगरानी प्रणालियों, खुफिया नेटवर्क और स्क्रीनिंग अभियानों के माध्यम से VBIED हमलों को रोकने का प्रयास करती हैं। हालांकि प्रारंभिक चरण में पहचान करना अब भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में जनता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। संदिग्ध वाहनों जैसे लंबे समय से पार्क किए गए, असामान्य रूप से भारी दिखने वाले या गंध छोड़ने वाले वाहनों की तुरंत सूचना देना सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *