वर्ल्ड सीफूड कॉन्ग्रेस 2026 की मेजबानी करेगा भारत: वैश्विक समुद्री खाद्य नेतृत्व में एक नई छलांग
भारत पहली बार वर्ल्ड सीफूड कॉन्ग्रेस (WSC) 2026 की मेजबानी के लिए तैयार है, जो देश की मछली पालन, समुद्री खाद्य व्यापार और सतत विकास में बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। चेन्नई में आयोजित होने वाला यह द्विवार्षिक वैश्विक मंच नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और नियामकों को एक साथ लाकर भारत को समुद्री खाद्य मूल्य श्रृंखला में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।
वैश्विक समुद्री खाद्य नेतृत्व में भारत की नई पहचान
अब तक यह प्रतिष्ठित सम्मेलन कनाडा, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में आयोजित हो चुका है। 2026 में इसका आयोजन भारत में होना इस बात का संकेत है कि भारत न केवल एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक देश बन चुका है, बल्कि तकनीकी नवाचारों और सतत मछली पालन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस बार का WSC सतत समुद्री खाद्य व्यापार, खाद्य सुरक्षा और समावेशी विकास जैसे विषयों पर केंद्रित होगा।
आयोजक संस्थाएं और संस्थागत सहयोग
वर्ल्ड सीफूड कॉन्ग्रेस 2026 का आयोजन इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ फिश इंस्पेक्टर्स, PDA वेंचर्स और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (हैदराबाद) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसमें मत्स्य पालन विभाग सह-आयोजक है और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और नीति आयोग से उच्चस्तरीय सहयोग प्राप्त हो रहा है। तकनीकी भागीदार के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) भी शामिल है, जबकि FAO, UNIDO और WorldFish जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों का भी सहयोग मिल रहा है।
सम्मेलन का एजेंडा और प्रदर्शनी
WSC 2026 के दौरान मुख्य सत्र, विशेषज्ञ पैनल और तकनीकी कार्यशालाएं आयोजित होंगी जिनमें सतत समुद्री व्यापार, निरीक्षण मानक, बाज़ार तक पहुँच और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा होगी। एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन भी होगा, जिसमें प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, प्रमाणन प्रणाली, डिजिटल समाधान और गुणवत्ता नियंत्रण तकनीकों जैसे क्षेत्रों में नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय और वैश्विक उद्यमों के बीच व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्ल्ड सीफूड कॉन्ग्रेस एक द्विवार्षिक वैश्विक मंच है जो मछली पालन और जलीय कृषि पर केंद्रित होता है।
- वर्ष 2026 में पहली बार यह कार्यक्रम भारत में आयोजित किया जाएगा।
- राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
- FAO (Food and Agriculture Organization) संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी है जिसका मुख्यालय रोम, इटली में स्थित है।
पुरस्कार, भागीदारी और रणनीतिक प्रभाव
कॉन्ग्रेस के दौरान पीटर हाउगेट अवार्ड 2026 भी प्रदान किया जाएगा, जिसके तहत 30 वर्ष से कम उम्र के युवा मत्स्य तकनीकी विशेषज्ञों को कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। तमिलनाडु फिशरीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और PDA वेंचर्स ने पूरे भारत से भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की है। MPEDA, सीफूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, CMFRI और MSME संस्थाएं इस आयोजन में सहयोग प्रदान कर रही हैं।
WSC 2026 न केवल भारत को सतत समुद्री खाद्य व्यापार में एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि विज्ञान, नीति और उद्योग के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में भी कार्य करेगा, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।