ल्यूक लिटलर बने डार्ट्स इतिहास के सबसे युवा विश्व नंबर वन
केवल 18 वर्ष की आयु में ल्यूक लिटलर ने डार्ट्स के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया है। उन्होंने ग्रैंड स्लैम ऑफ डार्ट्स के फाइनल में मौजूदा विश्व नंबर वन ल्यूक हम्फ्रीज़ को 16–11 से हराकर विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ लिटलर अब तक के सबसे कम उम्र के वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने खेल जगत में एक नई पीढ़ी की शुरुआत का संकेत दिया है।
ग्रैंड स्लैम जीत से हासिल हुआ ऐतिहासिक मुकाम
वूल्वरहैम्प्टन में हुए इस ग्रैंड स्लैम फाइनल में लिटलर का प्रदर्शन शुरू से अंत तक प्रभावशाली रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए खिताब जीता। डैनी नोपरट के खिलाफ 16–9 की शानदार सेमीफाइनल जीत ने पहले ही यह तय कर दिया था कि वे नए विश्व नंबर वन बनने जा रहे हैं। फाइनल में उनके आत्मविश्वास और सटीकता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रिकॉर्ड तोड़ने वाली तेज़ रफ्तार सफलता
ल्यूक लिटलर का करियर अब तक किसी डार्ट्स खिलाड़ी के लिए सबसे तेज़ उभारों में गिना जा रहा है। 2024 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में बतौर नवोदित खिलाड़ी फाइनल में पहुँचने के बाद उन्होंने अगले वर्ष सबसे युवा विश्व चैम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया। अब उन्होंने माइकल वैन गेरवेन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो 24 वर्ष की उम्र में विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँचे थे।
फाइनल के निर्णायक क्षण
फाइनल मुकाबले की शुरुआत दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले से हुई। स्कोर 8–8 पर बराबरी के बाद लिटलर ने शानदार 167 चेकआउट लगाकर बढ़त बनाई। निर्णायक मोड़ तब आया जब हम्फ्रीज़ ने 170 फिनिश का जोखिम उठाया और चूक गए, जिसका फायदा उठाते हुए लिटलर ने 160 का शानदार चेकआउट किया। इसके बाद उन्होंने अपनी लय कायम रखते हुए 16–11 से खिताब पर कब्जा कर लिया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ल्यूक लिटलर 18 वर्ष की आयु में विश्व नंबर वन बने।
- उन्होंने ग्रैंड स्लैम ऑफ डार्ट्स फाइनल में ल्यूक हम्फ्रीज़ को 16–11 से हराया।
- उन्होंने माइकल वैन गेरवेन का “सबसे युवा विश्व नंबर वन” का रिकॉर्ड तोड़ा।
- लिटलर ने दो वर्ष से कम समय में £1.85 मिलियन (लगभग 19 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि अर्जित की है।
डार्ट्स में नई पीढ़ी का उदय
लिटलर ने अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद कहा कि वे शीर्ष स्थान बनाए रखने के लिए निरंतर मेहनत करते रहेंगे, भले ही हम्फ्रीज़ जैसे प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों से दबाव बना रहे। उनकी सफलता ने पेशेवर डार्ट्स में एक नई लहर पैदा की है, जो युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ वैश्विक दर्शकों के बीच इस खेल की लोकप्रियता को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।