लक्षद्वीप के अगत्ती प्रवाल भित्तियों में मिली तीन मिलीमीटर की नई केकड़ा प्रजाति
लक्षद्वीप द्वीपसमूह के अगत्ती द्वीप की प्रवाल भित्तियों से मात्र तीन मिलीमीटर आकार की एक नई केकड़ा प्रजाति की पहचान की गई है। यह खोज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कोच्चि स्थित राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की टीम ने की। इस नई प्रजाति का नाम “गैलेथिया बालासुब्रमणियानी” रखा गया है, जो समुद्री जीवविज्ञान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले टी. बालासुब्रमणियन के सम्मान में दिया गया है।
वैज्ञानिक पहचान और नामकरण
इस शोध का नेतृत्व एनबीएफजीआर के कोच्चि क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख टी. टी. अजीत कुमार ने किया। वैज्ञानिकों ने केकड़े की सूक्ष्म संरचनात्मक विशेषताओं का गहन अध्ययन किया और उन्हें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संबंधित प्रजातियों से तुलना की। डीएनए विश्लेषण ने पुष्टि की कि यह एक पृथक और नई प्रजाति है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण पत्रिका “ज़ूटैक्सा” में प्रकाशित किए गए। शोध में एनबीएफजीआर और अन्नामलाई विश्वविद्यालय के समुद्री विज्ञान संकाय के वैज्ञानिकों का सहयोग रहा।
विशिष्ट विशेषताएं
यह नई प्रजाति “गैलेथिया” वंश से संबंधित है, जो प्रवाल भित्तियों में रहने वाले छोटे एनोम्यूरन केकड़ों का समूह है। इन्हें सामान्यतः ‘स्क्वाट लॉब्स्टर’ कहा जाता है। आकार में छोटे लॉब्स्टर जैसे दिखने के बावजूद ये वास्तविक लॉब्स्टर से भिन्न होते हैं।
“गैलेथिया बालासुब्रमणियानी” अपनी निकटतम प्रजाति “जी. मॉरिटियाना” से पैर की संरचना और अन्य शारीरिक लक्षणों में भिन्न है, साथ ही आनुवंशिक स्तर पर भी स्पष्ट अंतर दर्शाती है। इसका अत्यंत छोटा आकार इसे प्रवाल और चट्टानी दरारों में छिपने में सक्षम बनाता है, जिससे यह शिकारियों से सुरक्षित रह पाता है।
पारिस्थितिक महत्व और जैव विविधता
स्क्वाट लॉब्स्टर प्रवाल भित्ति पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये जैविक पदार्थों के पुनर्चक्रण में सहायक होते हैं और मछलियों तथा अन्य समुद्री जीवों के लिए भोजन का स्रोत भी बनते हैं।
हालांकि लक्षद्वीप से एनोम्यूरन समूह की 34 प्रजातियों की सूचना पहले मिल चुकी है, किंतु इस क्षेत्र से गैलेथिया वंश की कोई प्रजाति पहले दर्ज नहीं की गई थी। यह खोज लक्षद्वीप की समृद्ध, किंतु अपेक्षाकृत कम अन्वेषित समुद्री जैव विविधता को रेखांकित करती है और विस्तृत वर्गीकरण सर्वेक्षण की आवश्यकता को उजागर करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एनोम्यूरन डेकापोड क्रस्टेशियनों का एक समूह है, जिसमें हर्मिट केकड़े और स्क्वाट लॉब्स्टर शामिल होते हैं।
- गैलेथिया वंश की प्रजातियां हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रवाल भित्तियों में पाई जाती हैं।
- लक्षद्वीप द्वीपसमूह अरब सागर में स्थित है और विविध प्रवाल पारिस्थितिकी तंत्र का घर है।
- आधुनिक वर्गीकरण में डीएनए बारकोडिंग प्रजाति पहचान के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
इस नई प्रजाति के नमूने को लखनऊ स्थित एनबीएफजीआर के राष्ट्रीय जलीय जीव भंडार में सुरक्षित रखा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी खोजें प्रवाल भित्ति पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित करती हैं तथा लक्षद्वीप में समुद्री जैव विविधता अनुसंधान के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करती हैं।