रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दूसरी बार WPL खिताब जीता, इतिहास रचते हुए दिल्ली को हराया
वडोदरा में गुरुवार को खेले गए वीमेन प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी प्रदर्शन करते हुए दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हराकर अपना दूसरा WPL खिताब जीत लिया। 204 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया, जो WPL फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ रहा।
दिल्ली कैपिटल्स ने खड़ा किया रिकॉर्ड स्कोर
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 203 रन बनाए, जो WPL फाइनल का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने 57 रनों की शानदार पारी खेली जिसमें 8 चौके शामिल थे। लॉरा वोल्वार्ट ने 25 गेंदों में 44 रन बनाए जबकि चिनेले हेनरी ने अंत में 15 गेंदों में ताबड़तोड़ 35 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुँचाया। अंतिम चार ओवरों में दिल्ली ने 55 रन बटोरे।
स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी
जवाब में RCB ने बेहद आक्रामक और नियंत्रित बल्लेबाज़ी की शुरुआत की। कप्तान स्मृति मंधाना ने अपने WPL करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए मात्र 41 गेंदों में 87 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक रन बनाए और टीम की जीत की नींव रखी।
निर्णायक साझेदारी ने तय की जीत
मंधाना और जॉर्जिया वोल (Georgia Voll) के बीच 92 गेंदों में 165 रनों की मैच विजेता साझेदारी हुई। वोल ने भी 54 गेंदों में 79 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 14 चौके शामिल थे। पूरी पारी में RCB ने हर ओवर में कम से कम एक बाउंड्री लगाकर दबाव बनाए रखा। हालांकि अंतिम ओवरों में वोल, मंधाना और ऋचा घोष के आउट होने से रोमांच बढ़ गया, लेकिन RCB ने नियंत्रण नहीं खोया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- महिला प्रीमियर लीग (WPL) भारत की प्रमुख घरेलू महिला T20 लीग है।
- RCB पहली टीम बनी जिसने लीग स्टेज टॉप करने के बाद खिताब जीता।
- 2026 का WPL फाइनल वडोदरा में आयोजित हुआ।
- RCB पहली फ्रेंचाइज़ी है जिसने एक साथ IPL और WPL दोनों खिताब अपने नाम किए।
इस ऐतिहासिक जीत की समाप्ति राधा यादव के द्वारा लगाए गए लगातार दो चौकों से हुई, जिससे RCB डगआउट में जश्न का माहौल बन गया। यह जीत न केवल टीम का दूसरा WPL खिताब है, बल्कि इससे RCB ने महिला फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में अपना वर्चस्व स्थापित कर दिया है। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह लगातार चौथा फाइनल हार था, जो उनकी बदकिस्मती को दर्शाता है।