रूस‑यूक्रेन युद्ध में ओरेश्निक मिसाइल का बड़ा इस्तेमाल: एक प्रमुख सैन्य उभर

रूस‑यूक्रेन युद्ध में ओरेश्निक मिसाइल का बड़ा इस्तेमाल: एक प्रमुख सैन्य उभर

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में जनवरी 2026 की शुरुआत में एक बेहद नई और चिंता पैदा करने वाली घटना हुई है। रूस ने 9 जनवरी की रात अपनी अत्याधुनिक ओरेश्निक (Oreshnik) मिसाइल का इस्तेमाल किया, जिसे उसने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर रातभर के हवाई हमले में शामिल किया। इस हमले में सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे कीव तथा ल्वीव क्षेत्र समेत कई जगहों पर रिहायशी और ऊर्जा संरचनाओं को भारी नुकसान पहुँचने की खबरें आई हैं।

ओरेश्निक मिसाइल और इसका महत्व

ओरेश्निक एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (Intermediate‑Range Ballistic Missile) है, जिसे रूस ने विकसित किया है और इसे पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया गया माना जा रहा है। इसका नाम रूसी में “हेज़ल ट्री” के रूप में अनुवादित होता है। इसकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • यह मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग 10 गुना अधिक (Mach 10+) तेज दौड़ सकती है और आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों के लिए इसे टारगेट करना कठिन बताया जाता है।
  • ओरेश्निक को MIRV तकनीक से लैस बताया जाता है, यानी यह एक ही मिसाइल में कई स्वतंत्र वारहेड (warheads) ले जा सकती है और अलग‑अलग लक्ष्य पर हमला कर सकती है।
  • यह मिसाइल परमाणु और सामान्य (conventional) दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है, हालांकि हालिया हमले में इसका उपयोग पारंपरिक हथियारों के साथ ही किया गया माना जा रहा है।
    ये विशेषताएँ इसे रणनीतिक हथियारों के करीब लाती हैं, जो लंबी दूरी तथा यूरोपीय सीमा क्षेत्र में गंभीर सुरक्षा चुनौती पेश करती हैं।

9 जनवरी का रातभर हमला

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में ओरेश्निक मिसाइल के अलावा सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों अन्य मिसाइलें भी शामिल थीं। रूस ने दावा किया कि यह कार्रवाई यूक्रेनी ड्रोन हमले का प्रतिशोध थी, जिसमें कथित रूप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी — जिसे यूक्रेन और कुछ पश्चिमी अधिकारियों ने खारिज किया है।

यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमले में कीव में कई नागरिक प्रभावित हुए और कई इन्फ्रास्ट्रक्चर साइट क्षतिग्रस्त हुईं, जिसमें ल्वीव क्षेत्र के ऊर्जा भंडारण सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्टों में कम से कम 4 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की बात की गई है।

इस घटना को यूरोप‑नाटो सीमा के करीब एक “गंभीर खतरा” के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और ट्रांसअटलांटिक सुरक्षा गठबंधनों के लिए नई चुनौतियाँ सामने आई हैं। यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह की कार्रवाइयों के प्रति कड़ा रुख अपनाने की अपील की है।

आगे का परिप्रेक्ष्य

ओरेश्निक मिसाइल का उपयोग एक ऐसे समय पर हुआ है जब युद्ध एक चौथे वर्ष के करीब पहुँच रहा है और शांति वार्ताएँ जारी हैं। अमेरिकी और यूरोपीय मध्यस्थ शांति प्रयासों के बीच यह कदम तनाव को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मिसाइलों का अभ्यास और उनका प्रयोग युद्ध के स्वरूप को बदल सकता है तथा बड़ी अशांति और सुरक्षा चिंताओं को जन्म दे सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ओरेश्निक एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसमें MIRV तकनीक और उच्च‑गति (Mach 10+) क्षमता है।
  • यह मिसाइल परमाणु और सामान्य दोनों प्रकार के वारहेड ले जा सकती है।
  • रूस ने इसे 21 नवंबर 2024 में युद्ध में पहली बार परीक्षण या उपयोग किया था।
  • ओरेश्निक का इस्तेमाल 9 जनवरी 2026 के रूस‑यूक्रेन हमले में गंभीर रूप से दर्ज किया गया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियाँ तनावपूर्ण हो गईं।

इस प्रकार, ओरेश्निक मिसाइल का उपयोग आधुनिक युद्ध तथा वैश्विक सुरक्षा के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक मोड़ माना जा रहा है, जो भविष्य की सैन्य रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिकार नीतियों को प्रभावित कर सकता है।

Originally written on January 9, 2026 and last modified on January 9, 2026.

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