राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की दो नई सर्वे योजनाएँ: आय और सेवा क्षेत्र पर होगा गहराई से अध्ययन
भारत की सांख्यिकीय क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने दो महत्वपूर्ण राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षणों की योजना बनाई है। इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य घरेलू आय और कॉर्पोरेट सेवा क्षेत्र पर लंबे समय से चली आ रही आंकड़ों की कमी को दूर करना है, जिससे नीतिगत निर्णयों में साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
चेन्नई में ट्रेनर्स की अखिल भारतीय कार्यशाला
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला NSO 28–29 जनवरी 2026 को चेन्नई में ट्रेनर्स की अखिल भारतीय कार्यशाला (AIWOT) का आयोजन कर रहा है। यह कार्यशाला राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (NHIS) और वार्षिक सर्वेक्षण: सेवा क्षेत्र की निगमनित इकाइयाँ (ASISSE) के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दोनों सर्वेक्षणों का क्षेत्रीय कार्य अप्रैल 2026 से पूरी तरह डिजिटल पद्धति में शुरू किया जाएगा।
राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (NHIS) के उद्देश्य
NHIS भारत का पहला ऐसा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण है जो घरेलू आय वितरण और जीवन स्थितियों पर समग्र डेटा एकत्र करेगा। इसमें श्रम, पूंजी और भूमि पर प्राप्त आय के प्रकार, उनके उपयोग और आर्थिक गतिविधियों से उनके संबंधों का विश्लेषण संभव होगा। यह सर्वे:
- सार्वभौमिक और लक्षित कल्याण योजनाओं के लिए आधार प्रदान करेगा।
- विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों और क्षेत्रों में आय की तुलना करने योग्य डेटा उपलब्ध कराएगा।
- घरेलू आय और व्यय संरचना को समझने में मदद करेगा।
निगमनित सेवा क्षेत्र सर्वेक्षण (ASISSE)
ASISSE भारत के सेवा क्षेत्र में पंजीकृत (incorporated) कंपनियों पर केंद्रित है। यह सर्वेक्षण:
- ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA), पूंजी निर्माण, रोजगार, और वेतन-भत्तों जैसे प्रमुख संकेतकों का डेटा संग्रह करेगा।
- GST नेटवर्क (GSTN) के ढांचे के तहत एंटरप्राइज-आधारित दृष्टिकोण अपनाएगा।
- उद्योग और राज्य स्तर पर विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराएगा।
- केवल निगमनित सेवा क्षेत्र की इकाइयों को शामिल करेगा, जिससे असंगठित क्षेत्रों से अंतर स्पष्ट हो सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NHIS और ASISSE भारत के पहले राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण हैं जो क्रमशः घरेलू आय और कॉर्पोरेट सेवा क्षेत्र पर केंद्रित हैं।
- दोनों सर्वेक्षण अप्रैल 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए आयोजित किए जाएंगे।
- ASISSE केवल निगमनित संस्थाओं पर आधारित है और GSTN ढांचे का उपयोग करता है।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ दूरस्थ गांवों को पहुंच की कठिनाइयों के कारण सर्वेक्षण से बाहर रखा गया है।
प्रशिक्षण और संस्थागत तैयारी
AIWOT कार्यशाला में NSO के वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड ऑपरेशंस डिवीजन के ज़ोनल, रीजनल और सब-रीजनल कार्यालयों से आए कर्मचारी भाग लेंगे। ये प्रशिक्षु आगे चलकर मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। इस पूर्व तैयारी का उद्देश्य सर्वेक्षण के लिए एकरूप कार्यप्रणाली, उच्च गुणवत्ता वाला डेटा संग्रह और संगठित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
इन दोनों सर्वेक्षणों से भारत को सामाजिक और आर्थिक नीति निर्धारण में मजबूत आंकड़ा आधारित सहायता मिलेगी, जिससे कल्याणकारी योजनाएं और उद्योग नीति अधिक लक्ष्य-केन्द्रित और प्रभावी बन सकेंगी।