राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का 68वां स्थापना दिवस: एमएसएमई क्लस्टर विकास पर विशेष फोकस

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का 68वां स्थापना दिवस: एमएसएमई क्लस्टर विकास पर विशेष फोकस

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) 12 फरवरी 2026 को अपना 68वां स्थापना दिवस मनाएगी और 12 से 18 फरवरी तक देशभर में राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह का आयोजन करेगी। इस वर्ष की थीम “क्लस्टर्स ऐज़ ग्रोथ इंजन: एमएसएमई में उत्पादकता का अधिकतमकरण” निर्धारित की गई है। यह विषय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाकर औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर केंद्रित है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा एनपीसी के अध्यक्ष पीयूष गोयल द्वारा क्लस्टर-आधारित विकास पर दिए गए जोर को भी यह थीम प्रतिबिंबित करती है।

क्लस्टर आधारित एमएसएमई विकास की रणनीति

क्लस्टर आधारित विकास को औद्योगिक उत्पादकता बढ़ाने का प्रभावी साधन माना जा रहा है। एक ही क्षेत्र में समान उद्योगों के समूह से पैमाने की अर्थव्यवस्था (इकोनॉमी ऑफ स्केल) विकसित होती है, जिससे लागत घटती है और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ती है।

हाल के व्यापार समझौतों के संदर्भ में एमएसएमई क्लस्टरों को मजबूत करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इससे निर्यात क्षमता में वृद्धि, आपूर्ति श्रृंखला का बेहतर एकीकरण तथा नई तकनीकों को अपनाने में आसानी होती है। यह मॉडल समावेशी विकास को बढ़ावा देता है और छोटे उद्यमों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने में सहायक है।

देशव्यापी कार्यक्रम और जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह के दौरान एनपीसी के 12 क्षेत्रीय निदेशालयों—बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गांधीनगर, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, मुंबई और पटना—के माध्यम से सेमिनार, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त 24 स्थानीय उत्पादकता परिषदें, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें, उद्योग संघ और शैक्षणिक संस्थान भी इस आयोजन में सहयोग करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उत्पादकता, नवाचार और सतत औद्योगिक विकास की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद की भूमिका

National Productivity Council की स्थापना वर्ष 1958 में हुई थी। यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अधीन एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्य करती है।

एनपीसी औद्योगिक अभियांत्रिकी, पर्यावरण एवं ऊर्जा प्रबंधन, कृषि व्यवसाय, गुणवत्ता प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन और प्रौद्योगिकी प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में परामर्श और प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के संगठनों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्राप्त करने में सहयोग देती है।

वैश्विक सहभागिता और रणनीतिक महत्व

एनपीसी टोक्यो स्थित Asian Productivity Organisation की सदस्य संस्था है, जिसमें भारत संस्थापक सदस्य और वर्तमान अध्यक्ष है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और घरेलू क्षमता निर्माण के माध्यम से एनपीसी उत्पादकता मानकों को सुदृढ़ करने का प्रयास करती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद की स्थापना 1958 में हुई थी।
  • एनपीसी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अधीन कार्य करती है।
  • राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह 2026 की थीम एमएसएमई क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है।
  • एनपीसी एशियन प्रोडक्टिविटी ऑर्गनाइजेशन की सदस्य संस्था है।

समग्र रूप से, 68वें स्थापना दिवस का आयोजन और राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह भारत में एमएसएमई को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। क्लस्टर आधारित रणनीति के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाकर भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है।

Originally written on February 12, 2026 and last modified on February 12, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *