राजस्थान होमस्टे योजना 2026 से पर्यटन और ग्रामीण आय को मिलेगा प्रोत्साहन
राजस्थान पर्यटन विभाग ने ‘राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना – 2026’ की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना, ग्रामीण आय में वृद्धि करना और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन) प्रवीण गुप्ता ने बताया कि यह योजना अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाकर आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करेगी। वर्ष 2025 में राजस्थान में पर्यटकों की संख्या में 9.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 25.44 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें 25.25 करोड़ से अधिक घरेलू यात्री थे। नई नीति इस वृद्धि को और गति देने के उद्देश्य से लाई गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लघु उद्यमों को बढ़ावा
इस योजना के तहत ग्रामीण निवासी अपने घरों के एक हिस्से को पर्यटकों के लिए आवास में परिवर्तित कर सकेंगे। इससे छोटे निवेशकों, ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों को सीधे पर्यटन गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय स्रोत विकसित होंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। परिवार-आधारित और ग्रामीण पर्यटन मॉडल को इस संशोधित ढांचे के तहत विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।
लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सरलता और लचीलापन
योजना की प्रमुख विशेषता डिजिटल और एकल-खिड़की लाइसेंसिंग प्रणाली है। पहले जहां कई विभागों से अनुमोदन आवश्यक था, अब कम दस्तावेजों और तेज ऑनलाइन स्वीकृति की व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक आवासीय इकाई में कमरों की अधिकतम संख्या पांच से बढ़ाकर आठ कर दी गई है, जबकि अधिकतम बिस्तर क्षमता 24 निर्धारित की गई है। पहले की अनिवार्यता, जिसमें मकान मालिक या परिवार के सदस्य का परिसर में रहना आवश्यक था, को समाप्त कर दिया गया है। अब दिशानिर्देशों के अनुसार मालिक, पट्टेदार या नामित देखरेखकर्ता द्वारा होमस्टे संचालित किया जा सकेगा।
पंजीकरण और नियामकीय प्रावधान
पंजीकरण स्थानीय पर्यटन विभाग कार्यालयों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे विकेंद्रीकृत कार्यान्वयन को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण आवेदक पर्यटक स्वागत केंद्रों (टीआरसी) में भी पंजीकरण करा सकेंगे।
सुरक्षा और अनुपालन मानकों के तहत प्रत्येक होमस्टे पूर्णतः आवासीय परिसर में होना चाहिए। किराए पर दिए जाने वाले कमरों में संलग्न शौचालय, पर्याप्त जल एवं बिजली आपूर्ति, वेंटिलेशन, स्वच्छता और अग्नि सुरक्षा प्रावधान अनिवार्य होंगे। पार्किंग और कचरा निस्तारण स्थानीय निकाय नियमों के अनुसार होना आवश्यक है। साथ ही, अतिथि पंजी (गेस्ट रजिस्टर) को कम से कम सात वर्षों तक सुरक्षित रखना और विदेशी मेहमानों की सूचना संबंधित प्राधिकरण को देना अनिवार्य किया गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राजस्थान होमस्टे योजना 2026 में कमरों की सीमा पांच से बढ़ाकर आठ की गई है।
- प्रत्येक होमस्टे इकाई की अधिकतम बिस्तर क्षमता 24 निर्धारित है।
- योजना के तहत एकल-खिड़की डिजिटल अनुमोदन प्रणाली लागू की गई है।
- वर्ष 2025 में राजस्थान में 25.44 करोड़ से अधिक पर्यटक आए।
यह योजना पर्यटन क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरल लाइसेंसिंग, नियामकीय स्पष्टता और ग्रामीण सहभागिता के माध्यम से राजस्थान अपने पर्यटन विकास मॉडल को अधिक समावेशी और सतत बनाने की दिशा में अग्रसर है।