राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026: औद्योगिक विकास की नई दिशा

राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026: औद्योगिक विकास की नई दिशा

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से “औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026” की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तैयार की गई यह नीति राज्य को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश अनुकूल औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नीति का दृष्टिकोण और उद्देश्य

इस नीति का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप है। यह नीति विकसित और पिछड़े दोनों क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने का प्रयास करती है। इसके माध्यम से राज्य में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि, उत्पादन क्षमता में सुधार और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद की जा रही है।

विकास मॉडल और प्रमुख प्रावधान

इस नीति में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए चार प्रमुख मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें पूर्णतः निजी विकास, हाइब्रिड भूमि साझेदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) शामिल हैं। निजी औद्योगिक पार्कों के लिए न्यूनतम 50 एकड़ भूमि और कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों की अनिवार्यता तय की गई है। यह प्रावधान औद्योगिक क्लस्टरों को प्रभावी, व्यवस्थित और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए किया गया है।

निवेश प्रोत्साहन और व्यापार सुगमता

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने कई रियायतें प्रदान की हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर बिजली शुल्क में छूट, स्टांप ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क में राहत शामिल है। साथ ही, ‘राज निवेश पोर्टल’ के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया सरल और तेज हो सके। सरकार द्वारा जल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी, जिसकी लागत डेवलपर्स और सरकार के बीच साझा होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 संतुलित क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित है।
  • निजी औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम 50 एकड़ भूमि और 10 इकाइयों की आवश्यकता है।
  • नीति में PPP, निजी और हाइब्रिड विकास मॉडल शामिल हैं।
  • यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप है।

सतत विकास और औद्योगिक वृद्धि

इस नीति में पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए हरित औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है। कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के लिए 50% तक की लागत प्रतिपूर्ति और अवसंरचना विकास के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे उद्योगों को पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

इस प्रकार, यह नीति राजस्थान को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ सतत विकास और आर्थिक प्रगति के नए अवसर प्रदान करेगी।

Originally written on March 27, 2026 and last modified on March 27, 2026.

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