योग 365 पहल: दैनिक जीवन में योग को अपनाने की दिशा में बड़ा कदम
आयुष मंत्रालय ने “योग 365” नामक एक राष्ट्रीय पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य योग को केवल एक वार्षिक आयोजन तक सीमित न रखकर उसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। इस अभियान की घोषणा योग महोत्सव–2026 के दौरान विज्ञान भवन, नई दिल्ली में की गई, जो अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 100-दिवसीय काउंटडाउन की शुरुआत भी है। यह पहल देश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जागरूकता और अभ्यास के बीच अंतर को कम करना
देश में योग के प्रति जागरूकता काफी अधिक है, लेकिन नियमित अभ्यास करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 95 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 96 प्रतिशत लोग योग के बारे में जानते हैं, फिर भी इसे दैनिक जीवन में अपनाने की दर कम है। “योग 365” का उद्देश्य इस अंतर को समाप्त करना और लोगों को योग को नियमित आदत बनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
डिजिटल माध्यम से व्यापक पहुंच
इस पहल के तहत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) ने ‘हैबिल्ड’ नामक वेलनेस प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है। इसके माध्यम से लोगों को प्रतिदिन मुफ्त ऑनलाइन योग सत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह डिजिटल पहल विभिन्न आयु वर्ग और क्षेत्रों के लोगों तक योग को पहुंचाने में सहायक है, जिससे योग अभ्यास अधिक सुलभ और सुविधाजनक बन रहा है।
अन्य कार्यक्रमों के साथ एकीकरण
“योग 365” पहल पहले से चल रहे कार्यक्रमों को भी मजबूती देती है। इसमें कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए ‘वाई-ब्रेक’ कार्यक्रम, आम जनता के लिए ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ और गैर-संचारी रोगों के उपचार के लिए विशेष योग मॉड्यूल शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से योग को कार्यस्थलों, समुदायों और स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को 2015 से मनाया जा रहा है।
- आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसे पारंपरिक प्रणालियों को बढ़ावा देता है।
- मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान योग शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है।
- “योग 365” पहल का लक्ष्य योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।
यह पहल एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक भागीदारी, तकनीक और संस्थागत सहयोग को जोड़ती है। वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में 26 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि योग के प्रति वैश्विक रुचि बढ़ रही है। “योग 365” इस बढ़ती जागरूकता को निरंतर अभ्यास में बदलने का प्रयास है, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके।