यूरोपीय संघ ने रूसी गैस आयात पर लगाया ऐतिहासिक प्रतिबंध

यूरोपीय संघ ने रूसी गैस आयात पर लगाया ऐतिहासिक प्रतिबंध

यूरोपीय संघ (EU) ने रूसी गैस आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले ऐतिहासिक कानून को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह निर्णय रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप की ऊर्जा नीति और भूराजनीतिक दृष्टिकोण में एक बड़ा परिवर्तन दर्शाता है। यह प्रतिबंध यूरोपीय संघ के रूस पर निर्भरता खत्म करने के संकल्प को अब कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाता है।

भीतरी मतभेदों के बावजूद अंतिम मंजूरी

ब्रसेल्स में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में EU के सदस्य देशों ने इस कानून को अंतिम मंजूरी दी। हालांकि अधिकांश देशों ने इसका समर्थन किया, हंगरी और स्लोवाकिया ने इसका विरोध किया। हंगरी ने इस निर्णय को यूरोपीय न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की है, यह तर्क देते हुए कि यह कानून उसकी राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डालता है।

LNG और पाइपलाइन गैस को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना

नए कानून के तहत EU वर्ष 2026 के अंत तक रूसी तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का आयात बंद कर देगा। वहीं, रूसी पाइपलाइन गैस का आयात 30 सितंबर 2027 तक पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। यदि किसी सदस्य देश को वैकल्पिक आपूर्ति के माध्यम से गैस भंडारण भरने में कठिनाई होती है, तो यह समयसीमा 1 नवंबर 2027 तक बढ़ाई जा सकती है।

रूस पर निर्भरता कम करने की रणनीति

यूक्रेन युद्ध से पहले रूस यूरोपीय संघ की कुल गैस जरूरतों का 40 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति करता था। प्रतिबंधों और ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के प्रयासों के चलते यह आंकड़ा 2025 में घटकर लगभग 13 प्रतिशत रह गया। नया कानून इस गिरावट को स्थायी रूप से सुनिश्चित करता है, जिससे भविष्य में रूस पर फिर से अधिक निर्भरता की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य:

  • EU का यह प्रतिबंध तरल प्राकृतिक गैस (LNG) और पाइपलाइन गैस दोनों पर लागू होता है।
  • रूसी गैस का आयात पूरी तरह से वर्ष 2027 के अंत तक समाप्त किया जाएगा।
  • हंगरी और स्लोवाकिया ने ऊर्जा निर्भरता के चलते इस प्रतिबंध का विरोध किया है।
  • 2022 में यूक्रेन युद्ध से पहले, यूरोपीय संघ की 40% गैस आपूर्ति रूस से होती थी।

यह कानून न केवल EU की ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव लाता है, बल्कि यह वैश्विक गैस बाजारों पर भी दूरगामी प्रभाव डालेगा। इससे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा ढांचे में निवेश को गति मिलेगी। रूस पर निर्भरता खत्म करने की यह रणनीति यूरोपीय संघ की भूराजनीतिक स्थिति को भी नए सिरे से परिभाषित करती है।

Originally written on January 26, 2026 and last modified on January 26, 2026.

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