यूएई ने ऑटिज़्म और दुर्लभ मस्तिष्क विकारों के लिए जीन थेरेपी पहल शुरू की
संयुक्त अरब अमीरात ने बच्चों में ऑटिज़्म और दुर्लभ न्यूरोजेनेटिक मस्तिष्क विकारों के उपचार के लिए दो अग्रणी जीन थेरेपी परियोजनाओं की शुरुआत की है। एमिरेट्स हेल्थ सर्विसेज के नेतृत्व में शुरू की गई ये पहलें लक्षण-आधारित उपचार से आगे बढ़कर रोग के आनुवंशिक मूल कारणों को लक्षित करने वाली सटीक चिकित्सा (प्रिसीजन मेडिसिन) की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती हैं। इस कदम के साथ यूएई क्षेत्र में उन्नत बाल न्यूरोलॉजिकल देखभाल के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
पहली परियोजना ऑटिज़्म और मिर्गी से जुड़े आनुवंशिक उत्परिवर्तनों पर केंद्रित है। इसे फिलाडेल्फिया स्थित चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के सहयोग से विकसित किया जा रहा है, जो बाल चिकित्सा अनुसंधान का वैश्विक केंद्र माना जाता है। वैज्ञानिक ऐसे उन्नत जीन-डिलीवरी सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो मस्तिष्क की विशिष्ट कोशिकाओं को अधिक सटीकता से लक्षित कर सकें।
इस दृष्टिकोण का उद्देश्य उपचार की प्रभावशीलता बढ़ाना, दवा की मात्रा कम करना और दीर्घकालिक लागत को घटाना है। इस परियोजना में बीटा-प्रोपेलर प्रोटीन-एसोसिएटेड न्यूरोडीजेनेरेशन (बीपीएएन) जैसे दुर्लभ विकार भी शामिल हैं, जो विकास में देरी और दौरे से शुरू होकर गंभीर संज्ञानात्मक और मोटर क्षरण तक पहुंचते हैं। आणविक स्तर पर हस्तक्षेप के माध्यम से रोग की दिशा को बदलने की उम्मीद की जा रही है।
दूसरी पहल दुर्लभ न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों पर केंद्रित है। इसमें जीन रिपेयर रणनीतियों, कोशिका-आधारित रोग मॉडल और बायोमार्कर की पहचान पर शोध किया जाएगा, ताकि रोग की प्रगति और उपचार प्रतिक्रिया की निगरानी की जा सके।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का उपयोग जीनोमिक डेटा के विश्लेषण के लिए किया जाएगा, जिससे सटीक निदान और उच्च जोखिम वाले बच्चों की शीघ्र पहचान संभव हो सके। एमिरेटी जीनोम प्रोग्राम से प्राप्त आंकड़े व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जीनोमिक्स और एआई का यह एकीकरण भविष्यवाणी और निवारक चिकित्सा की दिशा में व्यापक स्वास्थ्य रणनीति को दर्शाता है।
- जीन थेरेपी में रोग के उपचार के लिए दोषपूर्ण जीन को संशोधित या प्रतिस्थापित किया जाता है।
- बीटा-प्रोपेलर प्रोटीन-एसोसिएटेड न्यूरोडीजेनेरेशन (बीपीएएन) एक दुर्लभ वंशानुगत तंत्रिका संबंधी विकार है।
- एमिरेटी जीनोम प्रोग्राम का उद्देश्य यूएई की आबादी में आनुवंशिक विविधताओं का मानचित्रण करना है।
- प्रिसीजन मेडिसिन में उपचार व्यक्ति की आनुवंशिक प्रोफाइल के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
यूएई की ये पहलें नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में दीर्घकालिक परिवर्तन का संकेत देती हैं। जैव प्रौद्योगिकी, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डेटा विश्लेषण में निवेश के माध्यम से देश न केवल घरेलू विशेषज्ञता विकसित करना चाहता है, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार लाना चाहता है। यह वैश्विक स्तर पर विरासत में मिलने वाले न्यूरोलॉजिकल विकारों के लक्षित उपचार की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।