युवाओं और महिलाओं के लिए सहकारिता क्षेत्र में दो नई योजनाएँ: युवा सहकार और स्वयंसशक्ति सहकार
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) दो प्रमुख योजनाओं — युवा सहकार योजना और स्वयंसशक्ति सहकार योजना — के माध्यम से देश के सहकारी क्षेत्र में नवाचार, समावेशन और सतत आजीविका को बढ़ावा दे रहा है। ये दोनों योजनाएँ पूरी तरह से एनसीडीसी द्वारा वित्तपोषित और क्रियान्वित की जाती हैं।
एनसीडीसी और सहकारिता मंत्रालय की भूमिका
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) एक वैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका उद्देश्य देश के सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाना है, विशेषकर कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, हथकरघा और सेवा क्षेत्रों में कार्यरत सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सहायता और संस्थागत समर्थन प्रदान करके। इन पहलों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सहकारी मॉडल को व्यावसायिक दृष्टिकोण से सक्षम बनाया जा रहा है।
युवा सहकार योजना के उद्देश्य
युवा सहकार योजना विशेष रूप से नवगठित सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है, जिनका नेतृत्व युवा उद्यमी करते हैं। इस योजना के अंतर्गत:
- नवाचार आधारित विचारों को सहकारिता ढांचे में बढ़ावा दिया जाता है।
- स्टार्टअप और प्रारंभिक चरण की सहकारी संस्थाओं को प्रारंभिक पूंजी की बाधाओं को पार करने में सहायता दी जाती है।
- योजनाएं स्थानीय आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्थानीय व्यवसाय मॉडल को बढ़ावा देती हैं।
स्वयंसशक्ति सहकार योजना का फोकस
स्वयंसशक्ति सहकार योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं को विश्वसनीय, किफायती और सुलभ वित्तीय सेवाओं तक पहुँच प्रदान करना है। इस योजना के तहत:
- महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सामूहिक सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए बैंक ऋण दिलवाया जाता है।
- महिला नेतृत्व वाली सहकारी संस्थाओं को मजबूती दी जाती है।
- समावेशी विकास, वित्तीय सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका को प्रोत्साहित किया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NCDC एक वैधानिक निकाय है जो सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- युवा सहकार योजना का उद्देश्य नवाचार और युवाओं द्वारा संचालित नई सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देना है।
- स्वयंसशक्ति सहकार योजना महिला SHG आधारित सतत आजीविका और वित्तीय समावेशन पर केंद्रित है।
- दोनों योजनाएं पूरी तरह से NCDC द्वारा वित्तपोषित हैं।
संसदीय जानकारी और वित्तीय सहायता
वित्तीय वर्षों 2022–23, 2023–24 और 2024–25 के दौरान इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं और लाभार्थियों को जारी की गई वित्तीय सहायता का विवरण राज्यसभा में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लिखित उत्तर में साझा किया गया। यह सरकार की सहकारिता आधारित विकास को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इन दोनों पहलों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य नए भारत में सहकारिता को एक आधुनिक और प्रभावी विकास मॉडल के रूप में स्थापित करना है।