मोहसिना किदवई का निधन, भारतीय राजनीति की एक युगांतकारी शख्सियत का अंत
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का 8 अप्रैल 2026 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वे उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनका लंबा राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
प्रारंभिक जीवन और राजनीतिक शुरुआत
मोहसिना किदवई का जन्म 1932 में हुआ था और वे राष्ट्रीय राजनीति में उभरने वाली प्रमुख मुस्लिम महिला नेताओं में से एक थीं। उन्होंने कम उम्र में ही कांग्रेस पार्टी से जुड़कर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। अपनी संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ के कारण उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
केंद्र सरकार में भूमिका
मोहसिना किदवई ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने शहरी विकास और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में शहरी ढांचे के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई प्रयास किए गए। उन्हें एक कुशल और विश्वसनीय प्रशासक के रूप में जाना जाता था।
संसदीय और संगठनात्मक योगदान
अपने राजनीतिक जीवन में किदवई कई बार लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य रहीं। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय चुनाव समिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी के भीतर रणनीति निर्माण और उम्मीदवार चयन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
अंतिम संस्कार और विरासत
मोहसिना किदवई का अंतिम संस्कार नई दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा। वे अपने पीछे एक समृद्ध राजनीतिक विरासत छोड़ गई हैं, जिसमें सार्वजनिक सेवा, संगठनात्मक नेतृत्व और शासन में योगदान शामिल है। उनका निधन कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़े नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, खासकर वरिष्ठ नेतृत्व के संदर्भ में।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मोहसिना किदवई ने राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया।
- वे लोकसभा और राज्यसभा दोनों की सदस्य रह चुकी थीं।
- उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय चुनाव समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- वे भारतीय राजनीति की प्रमुख मुस्लिम महिला नेताओं में से एक थीं।
मोहसिना किदवई का जीवन सार्वजनिक सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उनका योगदान भारतीय राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।