मैत्रेयी पुष्पा को मिला इफको साहित्य सम्मान 2025: ग्रामीण जीवन की प्रामाणिक अभिव्यक्ति को सम्मान
प्रसिद्ध हिंदी लेखिका मैत्रेयी पुष्पा को इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) द्वारा वर्ष 2025 का इफको साहित्य सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान उनके ग्रामीण समाज और कृषि यथार्थ पर आधारित साहित्यिक योगदान के लिए दिया गया है। राजधानी दिल्ली में आयोजित समारोह में इस सम्मान ने न केवल साहित्यिक जगत का ध्यान खींचा, बल्कि ग्रामीण जीवन से जुड़ी संवेदनशील साहित्यिक रचनाओं को केंद्र में लाने का कार्य किया।
ग्रामीण-केंद्रित हिंदी साहित्य का सम्मान
इफको साहित्य सम्मान की स्थापना 2011 में हुई थी और यह प्रतिवर्ष ऐसे हिंदी लेखक को दिया जाता है जिसकी रचनाएँ ग्रामीण और कृषि जीवन की गहराई से अभिव्यक्ति करती हैं।
इस पुरस्कार में:
- प्रशस्ति पत्र,
- स्मृति चिह्न,
- और ₹11 लाख की नगद राशि प्रदान की जाती है।
पूर्व में यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, शिवमूर्ति, मधु कंकड़िया और जयनंदन जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों को भी दिया जा चुका है।
मैत्रेयी पुष्पा का साहित्यिक योगदान
30 नवम्बर 1944 को अलीगढ़ जिले के सिकर्रा गाँव में जन्मी मैत्रेयी पुष्पा का बचपन झांसी के पास खिली गाँव में बीता। उन्होंने बुंदेलखंड कॉलेज, झांसी से हिंदी साहित्य में एमए किया।
उनकी रचनाएँ विविध विधाओं में हैं:
- उपन्यास,
- कहानियाँ,
- आत्मकथात्मक लेखन,
- नारी विषयक साहित्य,
- नाटक,
- कविता,
- संस्मरण,
- और रिपोर्टेज।
उनकी लेखनी बुंदेलखंड के ग्रामीण जीवन, स्त्रियों के अनुभव, और सामाजिक चेतना की सशक्त प्रस्तुति के लिए जानी जाती है।
इफको युवा साहित्य पुरस्कार 2025
इसी समारोह में इफको युवा साहित्य पुरस्कार 2025 लेखिका अंकिता जैन को उनकी पुस्तक “ओ रे! किसान” के लिए प्रदान किया गया। अंकिता जैन पहले शोध सहयोगी और सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं और अब पूर्णकालिक लेखन में सक्रिय हैं।
उनकी अन्य प्रमुख कृतियाँ हैं:
- ऐसी वैसी औरत (Jagran–Nielsen बेस्टसेलर),
- मैं से माँ तक,
- बहेलिए,
- मोहल्ला सलीमबाग,
- और बाल उपन्यास आतंकी मोर।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- इफको साहित्य सम्मान की स्थापना 2011 में हुई।
- यह पुरस्कार हिंदी साहित्य में ग्रामीण और कृषि जीवन की प्रस्तुति को सम्मानित करता है।
- सम्मान राशि ₹11 लाख है।
- IFFCO युवा साहित्य पुरस्कार भी प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
समारोह और सांस्कृतिक सहभागिता
पुरस्कार IFFCO अध्यक्ष दिलीप सांघानी द्वारा प्रदान किए गए। उन्होंने दोनों लेखिकाओं की सराहना करते हुए अंकिता जैन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। IFFCO के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने मैत्रेयी पुष्पा को एक सशक्त सामाजिक दृष्टि वाली लेखिका बताया।
समारोह में फ्लाइंग फेदर्स आर्ट एसोसिएशन द्वारा मैत्रेयी पुष्पा की कहानी “गुनहगार” का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षकों, छात्रों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया।
यह सम्मान न केवल लेखिकाओं की साहित्यिक प्रतिभा को रेखांकित करता है, बल्कि हिंदी साहित्य में ग्रामीण संवेदना की स्थायी उपस्थिति को भी मजबूती प्रदान करता है।