मेघालय उच्च न्यायालय को मिली पहली महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे ने ली शपथ
मेघालय उच्च न्यायालय के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे ने राज्य की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इस अवसर ने न केवल मेघालय की सामाजिक पहचान को न्यायिक प्रतिनिधित्व से जोड़ा, बल्कि भारत की उच्च न्यायपालिका में लैंगिक समानता की दिशा में भी एक सशक्त संकेत दिया।
शिलॉन्ग में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन शिलॉन्ग स्थित लोक भवन के दरबार हॉल में किया गया, जहां मेघालय के राज्यपाल चंद्रशेखर हिरेमठ विजयशंकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। समारोह में वरिष्ठ न्यायाधीशों, राज्य के अधिकारियों और कानूनी समुदाय के प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति ने इस क्षण की संस्थागत अहमियत को रेखांकित किया। न्यायमूर्ति डेरे ने न्यायमूर्ति सौमेन सेन का स्थान लिया है, जिन्हें केरल उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया गया है।
न्यायिक करियर और पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे, बॉम्बे हाई कोर्ट की जज के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक, आपराधिक और दीवानी कानूनों के मामलों में उल्लेखनीय कार्य कर चुकी हैं। उनकी नियुक्ति की सिफारिश 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा की गई थी, जिसमें उनकी न्यायिक निष्पक्षता, अनुभव और सेवा भावना को मान्यता दी गई।
मेघालय और न्यायपालिका के लिए विशेष महत्व
मेघालय एक मातृसत्तात्मक समाज वाला राज्य है, जहां पारंपरिक रूप से महिलाओं की भूमिका सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण रही है, लेकिन अब तक किसी महिला को उच्च न्यायालय के शीर्ष पद पर नहीं देखा गया था। न्यायमूर्ति डेरे की नियुक्ति न केवल राज्य के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह उच्च न्यायपालिका में महिला भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत की संवैधानिक संस्थाओं में समावेशिता और विविधता के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- मेघालय उच्च न्यायालय की स्थापना 2013 में की गई थी, जब इसे गुवाहाटी उच्च न्यायालय से पृथक किया गया।
- एक उच्च न्यायालय से दूसरे में मुख्य न्यायाधीशों का स्थानांतरण एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की नियुक्ति मेघालय में न्यायिक पहुँच को और सुदृढ़ करने के साथ‑साथ महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। इससे न केवल राज्य की न्याय व्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि पूरे देश में न्यायपालिका में समावेशिता की मिसाल भी कायम होगी।