मेक्सिको में 1,400 वर्ष पुराना ज़ापोटेक मकबरा मिला: प्राचीन सभ्यता के दफन संस्कारों की झलक
दक्षिणी मेक्सिको के ओआक्साका प्रांत के सान पाब्लो हुईत्ज़ो में 2025 में एक 1,400 वर्ष पुराना ज़ापोटेक सभ्यता का मकबरा खोजा गया, जिसने मूलनिवासी दफन परंपराओं और सामाजिक संरचना पर नई रोशनी डाली है। यह मकबरा अद्वितीय संरक्षण अवस्था में मिला है और इसे हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों में से एक माना जा रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: “बादल के लोग” ज़ापोटेक
यह मकबरा ईस्वी सन् 600 के आस-पास का है, जब ज़ापोटेक सभ्यता, जिसे “Cloud People” कहा जाता था, ओआक्साका घाटी में अपने उत्कर्ष पर थी। यह सभ्यता ईसा पूर्व 700 के आसपास उभरी थी और 1521 में स्पेनियों के आगमन तक कायम रही।
वर्तमान में भी ज़ापोटेक भाषा बोलने वाले समुदाय मेक्सिको की मूलनिवासी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रवेश द्वार पर विशिष्ट उल्लू की मूर्ति
मकबरे के प्रवेश द्वार पर एक विशाल, उकेरी हुई उल्लू की मूर्ति मिली, जिसकी बड़ी आँखें और खुली चोंच से एक राजसी ज़ापोटेक पुरुष का चित्रित चेहरा झाँकता है। ज़ापोटेक मान्यताओं में उल्लू मृत्यु और शक्ति का प्रतीक था, जिससे यह स्पष्ट है कि यह मूर्ति किसी आदरणीय पूर्वज को समर्पित थी।
पाषाण द्वार, तिथि चिह्न और चित्रित भित्तियाँ
मकबरे के अंदर एक पत्थर का द्वार दो कक्षों को विभाजित करता है। द्वार की ऊपरी चौखट पर कैलेंडर चिन्ह उकेरे गए हैं, जो ज़ापोटेक प्रणाली में व्यक्ति की जन्म तिथि से जुड़े प्रतीकों द्वारा पहचाने जाने की परंपरा को दर्शाते हैं।
द्वार के दोनों ओर उकेरे गए पुरुष और महिला आकृतियाँ संभवतः पूर्वजों या मकबरे के रक्षक को दर्शाती हैं। मुख्य कक्ष की दीवारों पर सफेद, हरे, लाल और नीले रंगों में चित्रित भित्तियाँ सुरक्षित हैं, जिनमें एक शव यात्रा दिखाई गई है। इसमें कोपाल (Copal) धूप से भरे थैले ले जाते लोग दिखाए गए हैं, जो ज़ापोटेक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाला प्रमुख धूप पदार्थ था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ज़ापोटेक सभ्यता का उदय ईसा पूर्व 700 में हुआ और यह ओआक्साका घाटी में फली-फूली।
- ज़ापोटेक धार्मिक मान्यताओं में उल्लू मृत्यु और सत्ता का प्रतीक माना जाता था।
- ज़ापोटेकों की कैलेंडर प्रणाली में व्यक्ति और देवताओं की पहचान जन्म तिथि से जुड़े प्रतीकों के आधार पर होती थी।
- कोपाल (Copal) एक प्राकृतिक राल है जिसे मेसोअमेरिकी अनुष्ठानों में धूप के रूप में उपयोग किया जाता था।
संरक्षण कार्य और वैज्ञानिक महत्व
हुईत्ज़ो मकबरे को पिछले एक दशक में मेक्सिको की सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज बताया गया है। एक अंतरविषयी अनुसंधान टीम इस स्थल के संरक्षण में लगी है और साथ ही मिट्टी के बर्तन, चित्रकला और मानव अवशेषों का अध्ययन कर रही है। यह खोज ज़ापोटेक सभ्यता के दफन संस्कारों, धार्मिक प्रतीकों और सामाजिक ढांचे की गहरी समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
इस प्रकार की खोजें यह दिखाती हैं कि प्राचीन सभ्यताओं की सांस्कृतिक धरोहर आज भी कितनी समृद्ध और संरक्षित हो सकती है, यदि उन्हें संवेदनशीलता और विज्ञान के माध्यम से संरक्षित किया जाए।