मिलान ओलंपिक में महिला आइस हॉकी में अमेरिका ने जीता स्वर्ण पदक

मिलान ओलंपिक में महिला आइस हॉकी में अमेरिका ने जीता स्वर्ण पदक

मिलान में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अमेरिका ने महिला आइस हॉकी के फाइनल में कनाडा को 2–1 से ओवरटाइम में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह इस खेल में अमेरिका का तीसरा ओलंपिक स्वर्ण है और वर्ष 2018 के बाद पहला खिताब है। इस जीत के साथ कनाडा की 2022 की सफलता को दोहराने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। मुकाबले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत की सबसे तीव्र प्रतिद्वंद्विताओं में से एक को रेखांकित किया।

पूरे मैच में संघर्ष और रणनीति का उच्च स्तर देखने को मिला। अधिकांश समय तक अमेरिकी टीम अनुशासित कनाडाई टीम से पीछे रही, किंतु धैर्य और अंतिम क्षणों में संयम ने मैच की दिशा बदल दी।

कनाडा की मजबूत शुरुआत

दूसरे पीरियड की शुरुआत में कनाडा ने बढ़त हासिल की, जब क्रिस्टिन ओ’नील ने शॉर्ट-हैंडेड गोल दागते हुए अमेरिकी रक्षा पंक्ति को चौंका दिया। यह पूरे टूर्नामेंट में पहली बार था जब अमेरिका पिछड़ गया।

बढ़त मिलने के बाद कनाडा ने अपनी रक्षात्मक संरचना को और सुदृढ़ किया। तीसरे पीरियड तक अमेरिकी टीम को स्पष्ट अवसर बनाने में कठिनाई हुई, जिससे मुकाबला अत्यंत तनावपूर्ण बना रहा।

अंतिम क्षणों में बराबरी

नियामक समय समाप्त होने से तीन मिनट से भी कम समय शेष था, जब हिलारी नाइट ने लैला एडवर्ड्स के शॉट को गोलपोस्ट के सामने दिशा देकर स्कोर बराबर कर दिया। इस गोल ने अमेरिकी टीम में नई ऊर्जा का संचार किया और मैच ओवरटाइम में पहुंच गया।

बराबरी के बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया, क्योंकि अब एक गोल ही विजेता तय करने वाला था।

ओवरटाइम में ऐतिहासिक जीत

ओवरटाइम शुरू होने के मात्र तीन मिनट बाद मेगन केलर ने कनाडाई गोलकीपर एन-रेनी देसबियांस को मात देते हुए निर्णायक गोल किया। इस गोल के साथ ही अमेरिकी खिलाड़ियों और समर्थकों में जश्न की लहर दौड़ गई। वर्षों की तैयारी और कड़ी मेहनत एक निर्णायक क्षण में साकार हो गई।

यह जीत अमेरिका को फिर से ओलंपिक मंच पर शीर्ष स्थान पर स्थापित करती है और 1998 से चली आ रही अमेरिका-कनाडा प्रतिद्वंद्विता को एक नया अध्याय देती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • महिला आइस हॉकी को शीतकालीन ओलंपिक में पहली बार 1998 (नागानो) में शामिल किया गया था।
  • अमेरिका और कनाडा ने ओलंपिक महिला आइस हॉकी में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा है।
  • नॉकआउट चरण में ओवरटाइम ‘सडन डेथ’ प्रारूप पर आधारित होता है, जहां पहला गोल ही विजेता तय करता है।
  • 2026 के शीतकालीन ओलंपिक खेल मिलान-कोर्तिना, इटली में आयोजित किए जा रहे हैं।

यह मुकाबला दर्शाता है कि महिला आइस हॉकी में प्रतिस्पर्धा का स्तर कितना ऊंचा है। कनाडा के लिए यह हार निराशाजनक रही, जबकि अमेरिका के लिए यह वापसी दृढ़ संकल्प और दबाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक बनी। दोनों टीमों की यह प्रतिद्वंद्विता भविष्य में भी खेल प्रेमियों को रोमांचित करती रहेगी।

Originally written on February 20, 2026 and last modified on February 20, 2026.

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