मानेसर से राष्ट्रीय IED डाटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन: आतंकवाद विरोधी रणनीति में तकनीकी सशक्तिकरण
भारत की आतंकवाद‑विरोधी तैयारियों को एक नई डिजिटल मजबूती मिलने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री आगामी शुक्रवार को राष्ट्रीय IED डाटा प्रबंधन प्रणाली (National IED Data Management System – NIDMS) का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। यह पहल तकनीक आधारित खुफिया साझेदारी के जरिए आतंकवाद और विस्फोटकों से संबंधित जांच प्रणाली को एक नई दिशा प्रदान करेगी।
NIDMS: उद्देश्य और कार्यक्षेत्र
NIDMS एक राष्ट्रीय स्तर का सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र (National Bomb Data Centre) द्वारा विकसित किया गया है। यह केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के अधीन कार्य करता है।
मुख्य उद्देश्य:
- IED (Improvised Explosive Devices) से जुड़े घटनाक्रमों का प्रणालीबद्ध भंडारण, विश्लेषण और साझाकरण
- ब्लास्ट के बाद जांच कार्यों में सहायता
- तकनीकी आंकड़ों और उभरते ट्रेंड्स का विश्लेषण
यह प्रणाली राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के बीच सामूहिक डाटा की समझ विकसित करने में सहायता करेगी।
समन्वय और जांच क्षमताओं को बढ़ावा
NIDMS के माध्यम से:
- एकीकृत IED डाटाबेस सभी सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध रहेगा
- इससे तेज़ डाटा एक्सेस, सटीक जांच, और प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि संभव होगी
- जांच प्रक्रियाओं का मानकीकरण होगा, जिससे सभी एजेंसियाँ साझा और सुसंगत रणनीति अपना सकेंगी
इस प्रणाली को एक राष्ट्रीय सुरक्षा प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है जो समवेत प्रयासों को दिशा देगा।
उद्घाटन कार्यक्रम और प्रमुख उपस्थिति
- केंद्रीय गृह मंत्री इस समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करेंगे
- एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी, जो NIDMS की कार्यप्रणाली और लाभों को उजागर करेगी
- NSG के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे
इससे NIDMS की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वता और स्वीकार्यता को बल मिलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NIDMS का विकास NSG के अंतर्गत कार्यरत National Bomb Data Centre ने किया है।
- यह प्रणाली ब्लास्ट के बाद की जांच और एनालिटिक्स पर केंद्रित है।
- राज्य पुलिस, CAPFs और केंद्रीय एजेंसियों के बीच डाटा साझाकरण में सहायक है।
- NSG गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन कार्य करती है।
NSG की तकनीकी भूमिका का विस्तार
1984 में गठित NSG, भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी बल है, जो अपने अत्यधिक प्रशिक्षित ब्लैक कैट कमांडो के लिए प्रसिद्ध है। यह बल:
- आतंकवाद निरोध
- विमान अपहरण विरोध
- और उच्च जोखिम वाले विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा जैसी भूमिका निभाता है।
NIDMS की शुरुआत NSG की तकनीकी क्षमताओं में वृद्धि और डिजिटल सुरक्षा ढाँचे के साथ समेकन को दर्शाती है।
यह पहल भारत की बदलती सुरक्षा जरूरतों के साथ प्रौद्योगिकी-सक्षम आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रिया प्रणाली की ओर बढ़ते कदम का प्रमाण है।