मानवता पर मंडराता संकट: डूम्सडे क्लॉक 85 सेकंड पर, इतिहास में सबसे करीब “मिडनाइट” के
वैश्विक जोखिमों की अभूतपूर्व संगठित चुनौती को देखते हुए एटॉमिक वैज्ञानिकों ने “डूम्सडे क्लॉक” को मिडनाइट (प्रलयकाल) से केवल 85 सेकंड दूर कर दिया है, जो इस प्रतीकात्मक घड़ी का अब तक का सबसे नजदीकी समय है। यह संकेत करता है कि मानव सभ्यता पर परमाणु युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अंधाधुंध सैन्यीकरण, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक कूटनीतिक विफलताओं का संयुक्त खतरा मंडरा रहा है।
घड़ी को आगे क्यों बढ़ाया गया?
“बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स” के अनुसार, रूस, चीन और अमेरिका जैसे प्रमुख परमाणु राष्ट्रों द्वारा आक्रामक सैन्य मुद्रा अपनाना, परमाणु हथियार नियंत्रण संधियों का विघटन, और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं। पूर्वी एशिया में बढ़ते तनाव और परमाणु टकराव की आशंका भी इस निर्णय में शामिल रही।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कूटनीतिक व्यवस्था और परमाणु जोखिम नियंत्रण की पारंपरिक प्रक्रियाएँ तेजी से कमजोर हो रही हैं, जिससे गलत आकलन की संभावना और अधिक बढ़ गई है।
परमाणु संकट और हथियार नियंत्रण का विघटन
वर्तमान में परमाणु हथियारों के परीक्षण की आशंका और परमाणु प्रसार (Proliferation) पर चिंता बढ़ती जा रही है। अमेरिका और रूस के बीच अंतिम सक्रिय हथियार नियंत्रण संधि “न्यू START” अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रही है और उसके विस्तार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बुलेटिन ने चेताया कि अब परमाणु हथियारों के उपयोग की संभावना “अस्वीकार्य रूप से अधिक” हो गई है—विशेषकर तब, जब सैन्य अभियानों को परमाणु प्रतिरोध की स्थिति में अंजाम दिया जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु संकट
परमाणु जोखिमों से परे, वैज्ञानिकों ने चेताया है कि सैन्य प्रणालियों में बिना नियंत्रण के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रयोग भी गम्भीर संकट है। इसमें युद्ध में तेजी से वृद्धि, जैविक अनुसंधान में दुरुपयोग, और गलत सूचना का प्रसार शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन को मानवता के लिए एक “गुणक संकट” कहा गया है, जो संसाधन संघर्ष, मानवीय तनाव और राजनीतिक अस्थिरता को और अधिक जटिल बना देता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डूम्सडे क्लॉक 1947 में “बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स” द्वारा बनाई गई थी।
- मिडनाइट का अर्थ है वैश्विक प्रलयकारी घटना जैसे परमाणु युद्ध।
- New START अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों की सीमा तय करने वाली अंतिम संधि है।
- वर्तमान वैश्विक सुरक्षा आकलनों में AI जोखिम को भी परमाणु और जलवायु खतरों के साथ जोड़ा जा रहा है।
भू-राजनीति, राष्ट्रवाद और सूचना संकट
वैज्ञानिकों ने चेताया कि “विजेता सब कुछ ले जाए” जैसी भू-राजनीतिक मानसिकता और बढ़ता राष्ट्रवाद अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नुकसान पहुँचा रहे हैं। परमाणु-संपन्न देशों के बीच टकराव, ताइवान और कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव, और पश्चिमी गोलार्ध में अस्थिरता को प्रमुख चिंताओं में गिना गया है।
इसके साथ ही विज्ञान और मीडिया में विश्वास की गिरावट, तकनीक-आधारित गलत सूचनाओं का तेजी से प्रसार और कमजोर वैश्विक शासन ढांचे मानवता को “मिडनाइट” के और करीब धकेल रहे हैं।
डूम्सडे क्लॉक की यह स्थिति चेतावनी है कि यदि मानवता ने अपने व्यवहार, नीति निर्माण और तकनीकी नियंत्रण पर पुनर्विचार नहीं किया, तो परिणाम अत्यंत विनाशकारी हो सकते हैं।