महिला उद्यमिता को नई उड़ान: बजट 2026-27 में SHE मार्ट्स की घोषणा
वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने “सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) मार्ट्स” की स्थापना की घोषणा की है, जो समुदाय-स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स के रूप में कार्य करेंगे। इन मार्ट्स का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को संगठित बाज़ार उपलब्ध कराना और उन्हें ऋण-आधारित आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर अग्रसर करना है।
SHE मार्ट्स: समुदाय-स्वामित्व वाला रिटेल मॉडल
SHE मार्ट्स को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि ये स्वयं सहायता समूहों द्वारा सामूहिक रूप से संचालित हों, जिससे उनकी उत्पादों को संगठित रिटेल स्थान मिल सके। इससे बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी और महिलाओं को उनके उत्पादों के उचित मूल्य की प्राप्ति होगी। ये मार्ट्स क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशनों के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे और इनका वित्तपोषण नवाचारपूर्ण साधनों से किया जाएगा।
इस मॉडल का उद्देश्य केवल बिक्री का प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को मूल्य श्रृंखला में ऊपर ले जाना और उन्हें स्थायी मांग से जोड़ना भी है। यह पहल सूक्ष्म उद्यमों के औपचारिकरण और स्थानीय उत्पादों के बाज़ारीकरण में सहायक होगी।
झारखंड: SHE मार्ट्स का एक प्रमुख लाभार्थी राज्य
झारखंड राज्य पहले से ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से लगभग 39 लाख ग्रामीण महिलाएं SHG नेटवर्क में संगठित की जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने SHE मार्ट्स की अवधारणा का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को केवल उधारकर्ता नहीं, बल्कि स्वावलंबी व्यवसायी बनने का अवसर प्रदान करेगी।
झारखंड में पहले से ही महिला उद्यमों के लिए बाज़ार से जोड़ने की योजनाएं सक्रिय हैं, और SHE मार्ट्स उनके लिए एक संगठित मंच बनकर उनके उद्यमों को और विस्तार दे सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- SHE मार्ट्स का उद्देश्य महिला SHGs के उत्पादों के लिए समुदाय-स्वामित्व वाला रिटेल प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना है।
- यह पहल ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है।
- SHE मार्ट्स को क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशनों के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा।
- यह कार्यक्रम महिलाओं को ऋण आधारित आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर स्थानांतरित करने का माध्यम है।
समावेशी विकास की दिशा में एक सशक्त कदम
SHE मार्ट्स बजट 2026-27 के समावेशी विकास और महिला-नेतृत्व वाली प्रगति के विज़न को具 साकार करते हैं। यह केवल अल्पकालिक सहायता नहीं, बल्कि महिला उद्यमिता को स्थायित्व देने की पहल है। यदि इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह ग्रामीण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और महिलाओं की औपचारिक अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है।