मलयालम सिनेमा को झटका: अभिनेता और वरिष्ठ प्रोडक्शन कंट्रोलर कन्नन पट्टांबी का निधन
मलयालम फिल्म उद्योग ने एक समर्पित कर्मयोगी और बहुआयामी प्रतिभा को खो दिया है। अभिनेता और अनुभवी प्रोडक्शन कंट्रोलर कन्नन पट्टांबी का रविवार देर रात कोझिकोड में निधन हो गया। 62 वर्षीय कन्नन पिछले कुछ समय से किडनी संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन मलयालम सिनेमा की तकनीकी और सहायक भूमिकाओं की दुनिया में एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
परिवार और उद्योग ने की पुष्टि
कन्नन पट्टांबी का निधन रात करीब 11:40 बजे कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में हुआ। उनके बड़े भाई और फिल्म निर्माता मेजर रवि ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन की जानकारी साझा की। जैसे ही यह खबर फैली, मलयालम फिल्म उद्योग से शोक संदेशों की बाढ़ आ गई, जो उनके प्रति गहरे सम्मान और स्नेह को दर्शाता है।
तीन दशक का प्रोडक्शन कंट्रोल का अनुशासित सफर
कन्नन पट्टांबी को मलयालम सिनेमा के सबसे भरोसेमंद प्रोडक्शन कंट्रोलरों में गिना जाता था। अपने 30 वर्षों से अधिक के करियर में उन्होंने कई प्रमुख निर्देशकों और प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया।
शूटिंग के स्थान, शेड्यूल, बजट और टीम समन्वय जैसे मामलों में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें फिल्म निर्माण की रीढ़ बना दिया था। फिल्म उद्योग, जो अक्सर समय और संसाधनों की कमी से जूझता है, वहां कन्नन की अनुशासनप्रियता और समस्या-समाधान की क्षमता की हमेशा सराहना की गई।
सहायक अभिनेता के रूप में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
हालांकि प्रोडक्शन उनका मुख्य कार्यक्षेत्र था, लेकिन कन्नन पट्टांबी ने 23 मलयालम फिल्मों में सहायक अभिनेता की भूमिकाएं भी निभाईं। उनकी सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली अभिनय शैली ने किरदारों में यथार्थवाद का स्पर्श जोड़ा।
उनकी यह बहुपरिप्रेक्षीय भागीदारी मलयालम सिनेमा के उस वर्ग को दर्शाती है जो पर्दे के पीछे भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना सामने।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फिल्म निर्माण में प्रोडक्शन कंट्रोलर शूटिंग के शेड्यूल, बजट, लोकेशन और टीम के समन्वय को नियंत्रित करते हैं।
- मलयालम सिनेमा तकनीकी दक्षता और कंटेंट-आधारित फिल्मों के लिए प्रसिद्ध है।
- सहायक अभिनेता भारतीय सिनेमा में कथा की वास्तविकता को मजबूती देते हैं।
- कोझिकोड, उत्तरी केरल का प्रमुख सांस्कृतिक और फिल्मी केंद्र है।
अंतिम संस्कार नांगट्टीरी, पट्टांबी में
कन्नन पट्टांबी का अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे उनके पैतृक निवास नांगट्टीरी, पट्टांबी में किया जाएगा। परिजन, सहकर्मी और प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र होंगे। उनका निधन उन हजारों तकनीशियनों और सहकर्मियों के लिए गहरा आघात है जिन्होंने उनके साथ काम किया और उन्हें एक सच्चे समर्पित फिल्मकर्मी के रूप में जाना।