मलयालम बाल कलाकार हरि मुरली का 27 वर्ष की उम्र में निधन
मलयालम फिल्म जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। पूर्व बाल कलाकार हरि मुरली का 27 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 12 मार्च 2026 को वे केरल के कन्नूर जिले के पय्यन्नूर के अन्नूर स्थित अपने घर में मृत पाए गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को बाद में पय्यन्नूर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। फिलहाल उनकी मृत्यु के कारणों के बारे में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उनके अचानक चले जाने से मलयालम फिल्म उद्योग और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर फैल गई है।
बचपन से अभिनय की दुनिया में शुरुआत
हरि मुरली ने बहुत छोटी उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख लिया था। बताया जाता है कि उन्होंने लगभग साढ़े चार वर्ष की उम्र में एक टेलीविजन धारावाहिक में छोटी भूमिका निभाकर अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी काम करना शुरू किया। मलयालम फिल्म रसिकन में उनकी उपस्थिति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और वे जल्दी ही दर्शकों के बीच पहचाने जाने लगे। बाल कलाकार के रूप में उनकी सहज अभिनय शैली और मासूमियत ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।
जिन फिल्मों में दिखाई दी उनकी प्रतिभा
रसिकन के बाद हरि मुरली ने कई मलयालम फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में अन्नन थम्पी, मदाम्पी, डॉन, पत्तणथिल भूतम और उलाखम चुट्टुम वालिबन जैसी फिल्में शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने बचपन के दौरान लगभग 10 से 15 फिल्मों में अभिनय किया। उनकी अंतिम स्क्रीन उपस्थिति फिल्म अमर अकबर एंथनी में मानी जाती है। हालांकि बड़े होने के बाद उन्होंने अभिनय को पेशे के रूप में जारी नहीं रखा, फिर भी उनके बचपन के किरदार दर्शकों की यादों में आज भी जीवित हैं।
परिवार और सिनेमा के बाद का जीवन
हरि मुरली ऐसे परिवार से आते थे जिसका रंगमंच और सिनेमा से गहरा संबंध रहा है। वे प्रसिद्ध रंगमंच और फिल्म अभिनेता के. यू. मुरली के पुत्र थे, जिन्हें पय्यन्नूर मुरली के नाम से भी जाना जाता है। उनकी माता का नाम प्रसन्ना है और उनके भाई का नाम श्रीमुरली है। अभिनय से दूरी बनाने के बाद हरि ने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बेंगलुरु से विजुअल इफेक्ट्स और एनीमेशन में बीएससी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे एर्नाकुलम में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में कार्य कर रहे थे। यह दर्शाता है कि अभिनय के अलावा भी वे रचनात्मक क्षेत्रों में सक्रिय थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पय्यन्नूर केरल के कन्नूर जिले का एक प्रमुख नगर है।
- मलयालम फिल्म उद्योग को आमतौर पर “मॉलीवुड” कहा जाता है।
- विजुअल इफेक्ट्स और एनीमेशन डिजिटल मीडिया उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
- केरल में पेशेवर रंगमंच की मजबूत परंपरा रही है, जिसने कई फिल्म कलाकारों को मंच से सिनेमा तक पहुंचाया है।
हरि मुरली का असमय निधन मलयालम फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बहुत कम उम्र में अभिनय के माध्यम से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। भले ही उन्होंने बाद में अभिनय से दूरी बना ली, लेकिन उनके बचपन के किरदार आज भी दर्शकों की स्मृतियों में जीवित हैं। उनका जाना एक ऐसे युवा जीवन का अंत है जिसने कम समय में ही लोगों पर गहरी छाप छोड़ी।