मथुरा में स्थापित होगा भारत का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय
उत्तर प्रदेश के मथुरा में देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जाएगी। परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय के रूप में परिकल्पित यह संग्रहालय भारतीय समाज में गौवंश के सांस्कृतिक, कृषि और आर्थिक महत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य गौवंश को केवल धार्मिक प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास के आधार के रूप में समझाना है।
परंपरा और विज्ञान का समन्वय
प्रस्तावित संग्रहालय में गौवंश के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ उसके व्यावहारिक योगदान को भी रेखांकित किया जाएगा। इसमें पशु संरक्षण, सतत कृषि पद्धतियों और ग्रामीण आजीविका में पशुधन की भूमिका को विस्तार से समझाया जाएगा। बैल द्वारा कृषि कार्यों में दी जाने वाली शक्ति, जैविक खाद के रूप में गोबर का उपयोग तथा डेयरी उद्योग के माध्यम से करोड़ों परिवारों की आजीविका जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
यह पहल ग्रामीण विकास और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था के बीच संबंध को स्पष्ट करने का प्रयास करेगी। संग्रहालय के माध्यम से यह बताया जाएगा कि किस प्रकार गौवंश भारतीय कृषि प्रणाली की रीढ़ रहा है और आज भी सतत कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शनी और डिजिटल अनुभव
संग्रहालय में लगभग 100 डिजिटल और भौतिक प्रदर्शनी लगाए जाने की योजना है। इनमें देशी गौ नस्लों को विशेष स्थान दिया जाएगा, जिनमें दुर्लभ और लुप्तप्राय नस्लें भी शामिल होंगी। प्रत्येक नस्ल की विशेषताओं, आवास, दुग्ध उत्पादन क्षमता और संरक्षण उपायों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
दूध, दही, घी और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों पर आधारित एक समर्पित अनुभाग भी बनाया जाएगा, जिसमें इनके पोषण मूल्य और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों में उल्लेख को दर्शाया जाएगा। आधुनिक इंटरैक्टिव तकनीकों का उपयोग कर छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है। परिसर में एक डेयरी पार्लर भी स्थापित किया जाएगा, जहां ताजे दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे।
संस्थागत समर्थन और ब्रज क्षेत्र का महत्व
इस परियोजना का निरीक्षण वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। मथुरा ब्रज क्षेत्र का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र है, जो धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यह संग्रहालय क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थापित किया जाएगा।
- यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित होगा।
- संग्रहालय में देशी गौ नस्लों और उनके संरक्षण उपायों को प्रदर्शित किया जाएगा।
- मथुरा उत्तर भारत के ऐतिहासिक ब्रज क्षेत्र का प्रमुख नगर है।
राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय शिक्षा, शोध और पर्यटन को एक साथ जोड़ने का प्रयास करेगा। यह पहल गौवंश संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक परंपराओं पर संतुलित और वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा देगी। परंपरा और आधुनिकता के समन्वय के माध्यम से यह संग्रहालय भारतीय कृषि और संस्कृति की जड़ों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।