मणिपुर को मिलेगा नया निर्वाचित मुख्यमंत्री: युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बीजेपी सरकार की तैयारी
मणिपुर में एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन के समाप्त होने से पहले राज्य को एक नई लोकतांत्रिक सरकार मिलने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। यह निर्णय मणिपुर की राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त कर एक स्थायी और जनप्रतिनिधित्व वाली सरकार की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बीजेपी विधायक दल की बैठक और राजनीतिक समीकरण
भाजपा विधायकों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों की दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पूर्वोत्तर मामलों के प्रभारी संबित पात्रा शामिल थे। युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता बनाए जाने के बाद उनके नेतृत्व में नई सरकार के गठन की तैयारी शुरू हो चुकी है।
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा फरवरी 2025 से निलंबित अवस्था में है। भाजपा के पास फिलहाल 37 विधायकों का समर्थन है। 2022 के चुनावों में भाजपा ने 32 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में जनता दल (यूनाइटेड) के पांच विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अन्य दलों में नेशनल पीपल्स पार्टी, नागा पीपल्स फ्रंट, कांग्रेस, कुकी पीपल्स अलायंस और कुछ निर्दलीय शामिल हैं। एक सीट एक विधायक के निधन के कारण रिक्त है।
युमनाम खेमचंद सिंह का राजनीतिक अनुभव और नेतृत्व शैली
61 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं और बाद में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत रहे। उनके पास नगर प्रशासन, ग्रामीण विकास, पंचायत राज और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे।
खेमचंद सिंह को भाजपा में एक संगठनात्मक रूप से मजबूत और गैर-विवादास्पद नेता माना जाता है। वे प्रशासनिक स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं और पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे मणिपुर की वर्तमान संवेदनशील परिस्थिति में विभिन्न गुटों को एकजुट करने में सक्षम हैं। एक पूर्व व्यवसायी और प्रशिक्षित ताइक्वांडो खिलाड़ी होने के नाते, उन्होंने हाल ही में साउथ कोरिया की ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन से सम्मान प्राप्त किया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मणिपुर में राष्ट्रपति शासन फरवरी 2025 में लागू हुआ था और यह 13 फरवरी 2026 को एक वर्ष पूर्ण करेगा।
- मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, जिनमें साधारण बहुमत के लिए 31 विधायकों की आवश्यकता होती है।
- युमनाम खेमचंद सिंह ने 2017 से 2022 तक विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
- संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत विधानसभा को भंग किए बिना निलंबित किया जा सकता है।
मणिपुर की नई राजनीतिक शुरुआत उस समय हो रही है जब राज्य को स्थायित्व, विकास और सामाजिक समरसता की आवश्यकता है। युमनाम खेमचंद सिंह का नेतृत्व भाजपा की उस रणनीति को दर्शाता है जो संगठनात्मक अनुशासन और प्रशासनिक निरंतरता को प्राथमिकता देती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी सरकार मणिपुर की बहुआयामी चुनौतियों का सामना कैसे करती है और लोकतंत्र को फिर से किस प्रकार मजबूत करती है।