मंगल ग्रह पर पहली बार एआई-नियोजित स्वायत्त ड्राइव: नासा के पर्सेवरेंस रोवर ने रचा इतिहास

मंगल ग्रह पर पहली बार एआई-नियोजित स्वायत्त ड्राइव: नासा के पर्सेवरेंस रोवर ने रचा इतिहास

नासा ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इसके पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा पूरी तरह योजनाबद्ध और स्वायत्त ड्राइव को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह उपलब्धि गहरे अंतरिक्ष अभियानों में स्वायत्तता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिससे पृथ्वी पर स्थित मानव नियंत्रणकर्ताओं पर निर्भरता कम होगी।

ऐतिहासिक स्वायत्त नेविगेशन परीक्षण

यह मील का पत्थर 8 और 10 दिसंबर को हासिल हुआ, जब छह पहियों वाला पर्सेवरेंस रोवर ने ऐसी ड्राइव पूरी की, जिसे पूरी तरह NASA के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) द्वारा विकसित एआई सॉफ़्टवेयर ने योजनाबद्ध किया।

पारंपरिक प्रक्रिया में जहाँ मानव वैज्ञानिक रोवर की दिशा निर्धारित करते थे, वहाँ अब एक दृष्टि-सक्षम जनरेटिव एआई सिस्टम ने मंगल की सतह की छवियों और भू-आकृतिक आंकड़ों का विश्लेषण करके सुरक्षित और कुशल मार्ग तैयार किया।

मंगल मार्ग की योजना कैसे बनाई गई?

AI प्रणाली में एक विजन-लैंग्वेज मॉडल का उपयोग हुआ, जिसे मानव मिशन योजनाओं जैसे डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया था। यह प्रणाली:

  • ढलानों, चट्टानों, बालू की लहरों और अन्य भू-खतरों का मूल्यांकन कर सकती है।
  • HiRISE कैमरा (Mars Reconnaissance Orbiter पर स्थित) से प्राप्त उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियाँ और ऊँचाई मॉडल का उपयोग करती है।
  • इन आंकड़ों के आधार पर AI ने सटीक मार्ग बिंदुओं (waypoints) के साथ एक निरंतर ड्राइविंग रूट तैयार किया।

इससे रोवर को कठिन भू-भागों में भी बिना मानवीय हस्तक्षेप के सुरक्षित रूप से नेविगेट करने की क्षमता मिली।

परीक्षण, सुरक्षा और मिशन परिणाम

AI-निर्मित ड्राइव कमांड को पहले JPL में रोवर के डिजिटल ट्विन पर परीक्षण किया गया ताकि वे उड़ान सॉफ़्टवेयर के अनुरूप हों। 500,000 से अधिक टेलीमेट्री वैरिएबल्स की पुष्टि की गई।

  • पहली AI-योजनाबद्ध ड्राइव में पर्सेवरेंस ने 210 मीटर की दूरी तय की।
  • दूसरी ड्राइव, दो दिन बाद, 246 मीटर की रही।
  • दोनों ड्राइव पूरी तरह सुरक्षित और सफल रही, बिना किसी मानव मार्गदर्शन के।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पर्सेवरेंस NASA का मार्स रोवर है, जो जेज़ेरो क्रेटर का अन्वेषण कर रहा है।
  • AI आधारित ड्राइविंग से पृथ्वी पर नियंत्रणकर्ताओं की निर्भरता घटती है
  • मंगल से संचार में समय लगता है, जिससे रीयल टाइम कंट्रोल असंभव होता है।
  • HiRISE कैमरा मंगल की कक्षा से उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियाँ भेजता है।

स्वायत्त अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य

मंगल ग्रह पृथ्वी से औसतन 225 मिलियन किलोमीटर दूर है, जिससे संचार में भारी विलंब होता है। इसलिए रीयल टाइम नियंत्रण असंभव होता है।

AI के उपयोग से अब रोवर:

  • स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है,
  • अधिक जटिल और खतरनाक भू-भाग पार कर सकता है,
  • और वैज्ञानिक खोज की दायरे और गति को बढ़ा सकता है।

NASA के अधिकारियों के अनुसार, ऐसी जिम्मेदार और सुरक्षित AI प्रणाली भविष्य में मानव और रोबोटिक मिशनों के लिए अनिवार्य होगी, विशेषकर तब जब हम मंगल, चंद्रमा और उससे आगे के अभियानों की दिशा में बढ़ रहे हैं।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

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