भूटान की रानी माँ डोरजी वांगमो वांगचुक को उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा ‘सोल्जर ऑफ ह्यूमैनिटी’ पुरस्कार 2025 से सम्मानित

भूटान की रानी माँ डोरजी वांगमो वांगचुक को उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा ‘सोल्जर ऑफ ह्यूमैनिटी’ पुरस्कार 2025 से सम्मानित

भूटान की रानी माँ ग्यालयुम आशी डोरजी वांगमो वांगचुक को 2025 का 22वां उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा ‘सोल्जर ऑफ ह्यूमैनिटी’ पुरस्कार असम के कोकराझार स्थित बोडोलैंड विश्वविद्यालय में एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके आजीवन मानवतावादी सेवा, सामाजिक विकास और समावेशी दृष्टिकोण के लिए दिया गया, जो सहानुभूति और समुदाय कल्याण पर आधारित भारत-भूटान संबंधों को और गहराता है।

मानवीय नेतृत्व के लिए मान्यता

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा ट्रस्ट द्वारा रानी माँ के सामाजिक उत्थान के सतत योगदान को मान्यता देने के रूप में दिया गया। वे भूटान में ग्रामीण विकास और वंचित समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों के लिए वैश्विक स्तर पर सम्मानित हैं। पुरस्कार के प्रशस्तिपत्र में उनके कार्यों में गरिमा, समानता और सशक्तिकरण जैसे मूल्यों को प्राथमिकता देने की सराहना की गई, विशेष रूप से उन समुदायों के लिए जो दूर-दराज और सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में रहते हैं।

तरायणा फाउंडेशन की भूमिका

रानी माँ तरायणा फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष हैं, जो भूटान में ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु काम करने वाला एक प्रमुख संगठन है। यह संस्था गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है। इस फाउंडेशन का समुदाय-आधारित मॉडल आत्मनिर्भरता, स्थिरता और पारंपरिक मूल्यों के सम्मान पर आधारित है, जो भूटान के सामाजिक क्षेत्र में एक आदर्श संस्था के रूप में स्थापित हुआ है।

समारोह और सांस्कृतिक महत्व

बोडोलैंड विश्वविद्यालय में आयोजित यह समारोह बोडो समुदाय के रक्षक उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा, जिन्हें सम्मानपूर्वक ‘बोडोफा’ कहा जाता है, की सांस्कृतिक और मानवीय विरासत को समर्पित था। पुरस्कार में एक प्रशस्तिपत्र, बोडोफा की प्रतिमा, पारंपरिक बोडो वस्त्र जैसे सेरेजा, अरोनाई और दोखोना तथा ₹2 लाख की नकद राशि शामिल थी। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में इसे सामाजिक न्याय, सहानुभूति और मानव गरिमा के साझा मूल्यों की पुनः पुष्टि बताया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा को ‘बोडोफा’ कहा जाता है, जो बोडो समुदाय के रक्षक माने जाते हैं।
  • ‘सोल्जर ऑफ ह्यूमैनिटी’ पुरस्कार समाज सेवा और मानवतावादी कार्यों के लिए दिया जाता है।
  • तरायणा फाउंडेशन, भूटान में ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रमुख संस्था है।
  • बोडोलैंड विश्वविद्यालय, असम के कोकराझार जिले में स्थित है।

क्षेत्रीय सहयोग और साझा मानवीय मूल्य

इस आयोजन में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के प्रमुख हग्रामा मोहिलारी, भूटान के गृह एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री त्शेरिंग, असम के मंत्री यू. जी. ब्रह्मा, तथा गेलेपु माइंडफुलनेस सिटी अथॉरिटी के गवर्नर लोते त्शेरिंग शामिल थे। इस समारोह ने भारत और भूटान के बीच जन-जन के स्तर पर मजबूत संबंधों को उजागर किया, जो मानवता, करुणा और सांस्कृतिक संवाद की नींव पर आधारित हैं।

रानी माँ डोरजी वांगमो वांगचुक को मिला यह सम्मान न केवल भूटान के लिए गर्व की बात है, बल्कि भारत-भूटान संबंधों में भी मानवीय और सांस्कृतिक जुड़ाव को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करता है।

Originally written on February 6, 2026 and last modified on February 6, 2026.

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