भुवनेश्वर में ₹3,623 करोड़ की संयुक्त सचिवालय–विधानसभा परियोजना: ओडिशा शासन तंत्र का भविष्य
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजधानी भुवनेश्वर में ₹3,623 करोड़ की लागत से एकीकृत सचिवालय और विधानसभा परिसर की आधारशिला रखी है। यह परियोजना न केवल राज्य की प्रशासनिक और विधायी संरचना को आधुनिक रूप देगी, बल्कि स्थान और सुरक्षा से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान भी करेगी।
यह परियोजना लगभग 71 एकड़ क्षेत्र में फैले वर्तमान लोक सेवा भवन परिसर और उससे लगे क्षेत्रों में विकसित की जाएगी। इसका डिज़ाइन अगले 50 वर्षों तक ओडिशा की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा परियोजना से प्रेरित है।
इसके अंतर्गत 2029 विधानसभा चुनावों से पहले प्रस्तावित निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन को ध्यान में रखते हुए विधायकों की संभावित संख्या वृद्धि के अनुरूप योजना बनाई गई है।
वर्तमान में ओडिशा विधानसभा में 147 सीटें हैं, और परिसीमन के बाद यह संख्या 196 तक बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मौजूदा विधानसभा भवन में केवल 3–4 अतिरिक्त सदस्यों के लिये ही जगह है।
नया केंद्रीय विधानसभा हॉल लगभग 300 विधायकों की क्षमता वाला होगा, जिससे भविष्य में आवश्यकतानुसार विस्तार भी संभव हो सकेगा।
70 वर्ष पुराना मौजूदा लोक सेवा भवन अब संरचनात्मक और सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता। विभागों के बिखरे हुए स्थान, पुरानी वायरिंग और जर्जर पाइपलाइन व्यवस्था ने संचालन में अनेक बाधाएँ उत्पन्न की हैं।
नया परिसर होगा:
- कई ऊर्ध्वमूलक टॉवर्स से युक्त सचिवालय
- बेसमेंट पार्किंग,
- उन्नत सुरक्षा प्रणाली
- और प्रशासनिक तथा विधायी ब्लॉकों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी
परियोजना की पहली चरण को दो वर्षों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले ही तैयार हो चुकी है।
- विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन 1971 की जनगणना के बाद स्थगित है।
- ओडिशा में वर्तमान में 147 विधानसभा सीटें हैं।
- सेंट्रल विस्टा परियोजना भारत के केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र के पुनर्विकास से संबंधित है।
- एकीकृत सचिवालय परिसरों का उद्देश्य शासन व्यवस्था की दक्षता में सुधार करना है।
सचिवालय परियोजना के साथ ही मुख्यमंत्री ने जयदेव विहार–नंदन कानन एलिवेटेड कॉरिडोर (10 किमी) की भी आधारशिला रखी है, जिसकी लागत ₹952 करोड़ है। यह परियोजना शामिल है:
- चार फ्लाईओवर
- और NH-16 पर प्रस्तावित केबल-स्टेड ब्रिज
इसका उद्देश्य भुवनेश्वर की व्यस्ततम सड़कों में से एक पर भीड़-भाड़ को कम करना, शहरी गतिशीलता में सुधार और यात्रा समय को घटाना है।
यह पूरी परियोजना न केवल भौतिक ढांचे को नया स्वरूप देगी, बल्कि ओडिशा के प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल, केंद्रीकृत और उत्तरदायी भी बनाएगी — राज्य शासन में एक नई युग की शुरुआत।