भारत-UAE संयुक्त सैन्य अभ्यास DESERT CYCLONE–II का समापन: क्षेत्रीय सुरक्षा में नया आयाम
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सेनाओं के बीच आयोजित द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास DESERT CYCLONE–II का दूसरा संस्करण 30 दिसंबर 2025 को अबू धाबी के अल-हमरा ट्रेनिंग सिटी में समापन समारोह के साथ समाप्त हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ती सुरक्षा साझेदारी, पारस्परिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
अभ्यास का उद्देश्य और व्यापक दृष्टिकोण
DESERT CYCLONE–II का मुख्य उद्देश्य शहरी युद्ध परिदृश्य में संचालनिक तालमेल (interoperability), आपसी विश्वास, और साझा रणनीतिक सोच को बढ़ाना था। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के अधीन उप-पारंपरिक अभियानों (sub-conventional operations) की रूपरेखा में संरचित किया गया। प्रशिक्षण में सैद्धांतिक कक्षाओं और वास्तविक क्षेत्र अभ्यास का संतुलन रखा गया, जिससे प्रतिभागियों को स्पष्ट समझ के साथ व्यावहारिक दक्षता भी प्राप्त हो।
प्रमुख प्रशिक्षण गतिविधियाँ और कौशल विकास
संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों में शहरी युद्ध की बुनियादी रणनीतियाँ, इमारतों की तलाशी एवं सुरक्षा, आईईडी की पहचान और बचाव, घायलों की निकासी और प्राथमिक उपचार शामिल रहे। साथ ही, मिशन नियोजन प्रक्रियाओं पर भी विशेष बल दिया गया। इन अभ्यासों ने दोनों सेनाओं को जटिल शहरी परिस्थितियों में एक-दूसरे के संचालन अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण साझा करने का अवसर दिया।
व्यावहारिक अभ्यास और एकीकृत संचालन
अभ्यास के दौरान बिल्ट-अप क्षेत्रों में प्रगतिशील व्यावहारिक ड्रिल्स आयोजित की गईं, जिनमें रूम इंटरवेंशन, बिल्डिंग क्लीयरेंस, हेलिबॉर्न ऑपरेशन, और एयर असॉल्ट मिशन शामिल थे। प्लाटून स्तर पर संयुक्त आक्रमण अभ्यासों के माध्यम से समन्वित आक्रामक और रक्षात्मक कार्रवाई का अभ्यास किया गया। अंततः एकीकृत शहरी संचालन के माध्यम से दोनों सेनाओं ने संयुक्त संचालन क्षमता और सामरिक तकनीकों के मानकीकरण का प्रदर्शन किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- DESERT CYCLONE–II भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- इसका दूसरा संस्करण दिसंबर 2025 में अबू धाबी में आयोजित हुआ।
- यह अभ्यास शहरी युद्ध और उप-पारंपरिक अभियानों पर केंद्रित रहा।
- अभ्यास का संचालन संयुक्त राष्ट्र जनादेश की रूपरेखा के अंतर्गत किया गया।
भाग लेने वाली इकाइयाँ और रणनीतिक महत्व
भारतीय सेना की ओर से द मेकनाइज्ड इन्फेंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन के 45 सैनिकों ने भाग लिया, जबकि UAE लैंड फोर्सेज की ओर से 53 मेकनाइज्ड इन्फेंट्री बटालियन ने प्रतिनिधित्व किया। इस अभ्यास ने दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को सुदृढ़ किया और भविष्य में बहुराष्ट्रीय या संयुक्त सैन्य अभियानों के लिए इंटरऑपरेबिलिटी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
DESERT CYCLONE–II भारत की बढ़ती वैश्विक रक्षा कूटनीति और रणनीतिक साझेदारियों का प्रतिबिंब है, जो क्षेत्रीय शांति और साझा सुरक्षा के दृष्टिकोण को सशक्त बनाता है।