भारत-स्वीडन के बीच एआई सहयोग को बढ़ावा, साइन हुआ स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर भारतएआई मिशन और बिज़नेस स्वीडन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डिजिटल प्रौद्योगिकियों में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, नवाचार और निवेश सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह समझौता एआई समाधानों के विकास, परिनियोजन और अनुप्रयोग के लिए एक संरचित सहयोग ढांचा स्थापित करता है, जिसका लक्ष्य औद्योगिक और सामाजिक स्तर पर ठोस परिणाम हासिल करना है।
स्वीडन–भारत टेक्नोलॉजी और एआई कॉरिडोर की स्थापना
इस साझेदारी के तहत दोनों देश संयुक्त रूप से ‘स्वीडन–भारत टेक्नोलॉजी एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर’ (सिटैक) लॉन्च करेंगे। यह प्रमुख कार्यक्रम सरकारी निकायों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संगठित संवाद का मंच प्रदान करेगा।
सिटैक के माध्यम से सम्मेलन, विषयगत कार्यशालाएं, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र आदान-प्रदान, इनोवेशन हब के दौरे और संयुक्त निवेश अवसरों की पहचान की जाएगी। यह पहल दोनों देशों के नवाचार तंत्र को जोड़ने और दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नवाचार और उत्तरदायी एआई पर जोर
भारत और स्वीडन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को यह समझौता नई दिशा देता है। दोनों देश एआई को आर्थिक विकास, सतत विकास और तकनीकी नवाचार के साधन के रूप में देख रहे हैं। साथ ही, ‘उत्तरदायी एआई’ के सिद्धांतों—जैसे नैतिकता, पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन—पर विशेष बल दिया गया है।
भारतएआई मिशन का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक एआई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिसमें कंप्यूटिंग अवसंरचना, डेटा उपलब्धता और कुशल मानव संसाधन को सुदृढ़ किया जाए। वहीं, स्वीडन औद्योगिक नवाचार, उन्नत अनुसंधान और जिम्मेदार एआई अनुप्रयोगों में अपनी विशेषज्ञता साझा करेगा।
व्यापार और निवेश के नए अवसर
यह समझौता संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप सहयोग और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई समाधानों के द्विपक्षीय परिनियोजन के अवसर खोलेगा। दोनों देशों के उद्यमों और शोध संस्थानों को स्केलेबल और समावेशी एआई तकनीकों के सह-विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इससे न केवल तकनीकी सहयोग मजबूत होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारत और स्वीडन को वैश्विक तकनीकी परिवर्तन के अगले चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतएआई मिशन भारत सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
- बिज़नेस स्वीडन स्वीडन की व्यापार और निवेश प्रोत्साहन एजेंसी है।
- द्विपक्षीय तकनीकी कॉरिडोर नवाचार और सीमा-पार निवेश को बढ़ावा देते हैं।
- उत्तरदायी एआई में नैतिकता, पारदर्शिता और जोखिम शमन पर बल दिया जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह एसओआई रणनीतिक दृष्टि को व्यावहारिक परिणामों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूरक क्षमताओं और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर भारत और स्वीडन एआई के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी वैश्विक तकनीकी परिवर्तन को मूल्य-आधारित और समावेशी दिशा प्रदान करने का प्रयास है।