भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में नई क्रांति की ओर

भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में नई क्रांति की ओर

केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा की है, जो भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स नीति में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है। यह नई पहल केवल असेंबली-आधारित विनिर्माण से आगे बढ़कर उच्च-मूल्य सेमीकंडक्टर आईपी (बौद्धिक संपदा), उपकरण और सामग्री निर्माण पर केंद्रित है।

ISM 2.0 के प्रमुख उद्देश्य

  • सेमीकंडक्टर सामग्री और उपकरणों का उत्पादन
  • भारत में फुल-स्टैक बौद्धिक संपदा (IP) का विकास।
  • स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाना।
  • अनुसंधान, नवाचार और स्किल डेवेलपमेंट को बढ़ावा देना।

इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल 2026 से वीडियो गेम निर्माण उपकरणों पर सीमा शुल्क हटाया जाएगा। साथ ही, विदेशी फिल्म और टीवी क्रू द्वारा भारत में शूटिंग के लिए आयात किए गए उपकरणों पर भी कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे क्रिएटिव इकोनॉमी को भी मजबूती मिलेगी।

असेंबली से आगे का दृष्टिकोण

संसद में अपने भाषण में सीतारमण ने कहा कि ISM 2.0 के तहत:

  • इंडस्ट्री-ड्रिवन रिसर्च, ट्रेनिंग सेंटर्स और मानव संसाधन विकास को बल मिलेगा।
  • डिजाइन, सामग्री, फैब्रिकेशन उपकरण और R&D को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर तकनीक में एक रणनीतिक शक्ति बनाना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • India Semiconductor Mission 2.0: R&D, उपकरण, सामग्री और IP विकास पर केंद्रित।
  • 1 अप्रैल 2026 से वीडियो गेम निर्माण भागों पर सीमा शुल्क समाप्त
  • विदेशी फिल्म और टीवी उपकरणों के लिए कस्टम ड्यूटी छूट
  • सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र माना गया है।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विशेषज्ञों ने ISM 2.0 का स्वागत किया है। उनका मानना है कि:

  • यह मिशन स्थानीयकरण और डिज़ाइन-आधारित नवाचार को गति देगा।
  • मोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक तकनीक कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी।
  • नई नौकरियां, स्किल आधारित प्रशिक्षण और किफायती भारतीय तकनीक के विकास की राह खुलेगी।

बुनियादी ढांचा और निर्माण इकोसिस्टम

बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास को भी बल दिया गया है, जिससे:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर्स और मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर्स को सहायता मिलेगी।
  • सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम्स के विस्तार से भारत का मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा।

निष्कर्ष

India Semiconductor Mission 2.0 भारत को सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे स्थानीय विनिर्माण, नवाचार, और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

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