भारत रंग महोत्सव 2026: रोहतक में 25वां संस्करण, हरियाणा को रंगमंचीय मानचित्र पर नई पहचान
विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव, भारत रंग महोत्सव (Bharat Rang Mahotsav) अपने 25वें संस्करण के तहत 9 से 12 फरवरी 2026 तक हरियाणा के रोहतक में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन दादा लक्ष्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (DLCSUPVA) में होगा, जो हरियाणा को राष्ट्रीय रंगमंचीय परिदृश्य पर प्रमुखता से स्थापित करेगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रंगमंच की एक साझा मंच पर प्रस्तुति
यह महोत्सव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama – NSD) द्वारा DLCSUPVA के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। रोहतक में आयोजित यह चरण देशव्यापी रंगमंचीय उत्सव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रंगमंच को मेट्रो शहरों से बाहर लाकर जनसामान्य तक पहुंचाना है। इसमें भारत और दुनिया भर के प्रसिद्ध रंगमंच समूहों द्वारा विभिन्न भाषाओं, शैलियों और परंपराओं में नाट्य प्रस्तुतियाँ की जाएँगी।
रोहतक में चार दिवसीय प्रदर्शन कार्यक्रम
DLCSUPVA के कुलपति प्रो. अमित आर्य के अनुसार, महोत्सव की शुरुआत 9 फरवरी को प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप, दिल्ली की प्रस्तुति “उम्मीद – मनुष्य ज़िंदा है” से होगी।
- 10 फरवरी को अमृतसर के मंच रंगमंच द्वारा “संडल बार” प्रस्तुत किया जाएगा।
- 11 फरवरी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा के फाइन आर्ट्स विभाग द्वारा “उमर का परवाना” मंचित किया जाएगा।
- 12 फरवरी को श्रीलंका के अपूर्वा थिएटर ग्रुप द्वारा “कोलंबो हाथे थोरना” की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का समापन होगा।
भारत रंग महोत्सव की देशव्यापी पहुँच
भारत रंग महोत्सव 2026 का आयोजन 41 स्थलों पर किया जा रहा है, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, इंफाल, रांची, पटना, बेंगलुरु जैसे शहर शामिल हैं।
- इसमें कुल 277 से अधिक प्रस्तुतियाँ होंगी।
- 228 भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में नाटक मंचित किए जाएंगे।
- नौ देशों के रंगमंच समूह इसमें भाग ले रहे हैं।
- हरियाणा से केवल रोहतक का DLCSUPVA प्रतिनिधित्व कर रहा है।
- पूरा महोत्सव 27 जनवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत रंग महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) द्वारा प्रत्येक वर्ष किया जाता है।
- इसका 25वां संस्करण 2026 में 277 प्रस्तुतियों और 41 स्थानों पर हो रहा है।
- इसमें 228 भाषाओं में नाटक और 9 देशों की भागीदारी है।
- DLCSUPVA, रोहतक — हरियाणा का एकमात्र प्रतिनिधि स्थल है।
समावेशन और सांस्कृतिक विविधता पर बल
प्रो. सुमन वैद्य, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से, ने बताया कि इस महोत्सव में बच्चों, जनजातीय समुदायों और वंचित वर्गों के कलाकारों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। यह रंगमंच को लोकव्यापी और समावेशी बनाने की दिशा में NSD की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत रंग महोत्सव न केवल रंगमंचीय उत्कृष्टता का उत्सव है, बल्कि यह संस्कृति, विविधता और समावेश का भी प्रतीक बन चुका है — और 25वें संस्करण में रोहतक की भागीदारी इसे और ऐतिहासिक बना रही है।