भारत में NESL की स्थापना: वायु गुणवत्ता मापन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

भारत में NESL की स्थापना: वायु गुणवत्ता मापन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

भारत ने पर्यावरणीय शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नेशनल एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (NESL) की स्थापना की है। यह प्रयोगशाला विशेष रूप से देशी वायु प्रदूषण मापन यंत्रों के परीक्षण, अंशांकन और प्रमाणन हेतु तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य आयातित उपकरणों और विदेशी प्रमाणन प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना है।

NESL की स्थापना और इसका महत्व

NESL को CSIR–नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL), नई दिल्ली में स्थापित किया गया है।
प्रमुख बिंदु:

  • यह प्रयोगशाला विश्व की केवल दूसरी ऐसी प्रयोगशाला है; पहली संयुक्त राजशाही (UK) में है।
  • NESL का उद्घाटन CSIR–NPL के 80वें स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया।
  • CSIR–NPL भारत का राष्ट्रीय मापन मानक (metrology standards) निर्धारित करने वाला शीर्ष संस्थान है।

NESL की स्थापना से भारत को स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप सटीक माप और प्रमाणन सुनिश्चित करने की क्षमता प्राप्त होगी।

आयातित उपकरणों की सीमाएँ

वर्तमान में भारत में जो वायु गुणवत्ता मापन उपकरण उपयोग किए जा रहे हैं, वे अधिकांशतः यूरोप या अमेरिका से आयातित होते हैं।
इनकी प्रमाणिकता वहाँ की जलवायु और प्रदूषण संरचना पर आधारित होती है, जो कि:

  • भारत के उच्च धूल भार (dust load),
  • नमी स्तर,
  • और प्रदूषण मिश्रण जैसी परिस्थितियों से मेल नहीं खाती।

भारतीय वैज्ञानिकों के अनुसार, इन उपकरणों की दीर्घकालिक विश्वसनीयता और सटीकता स्थानीय स्तर पर प्रभावित होती है, जिससे डाटा की पारदर्शिता और नीति निर्धारण प्रभावित हो सकते हैं।

NESL की भूमिका: मानकीकरण और डाटा विश्वसनीयता

NESL का मुख्य उद्देश्य है:

  • मूल्यांकन, परीक्षण और अंशांकन की सेवाएँ प्रदान करना,
  • स्वदेशी उपकरण निर्माताओं को सहयोग देना,
  • शहरी निकायों और उद्योगों को उपकरणों के घरेलू परीक्षण और प्रमाणन की सुविधा देना।

यह प्रयोगशाला स्थानीय रूप से प्रामाणिक और मानकीकृत उपकरणों को बढ़ावा देगी, जिससे वायु गुणवत्ता से संबंधित डाटा की सटीकता और नीति आधारित निर्णय बेहतर होंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • NESL विश्व की दूसरी ऐसी प्रयोगशाला है; पहली UK में है।
  • NESL का स्थान: CSIR–NPL, नई दिल्ली
  • उद्देश्य: वायु प्रदूषण मापन उपकरणों का परीक्षण और मानकीकरण
  • यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को सशक्त करेगी।

राष्ट्रीय कार्यक्रमों को समर्थन

NESL द्वारा प्रमाणित उपकरणों से प्राप्त सटीक और स्थानीय स्तर पर सत्यापित डाटा निम्नलिखित कार्यक्रमों को बल देगा:

  • राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP)
  • औद्योगिक उत्सर्जन ऑडिट
  • स्मार्ट सिटी निगरानी नेटवर्क

इस पहल से भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि पर्यावरणीय नीतियों को भी प्रमाण आधारित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मजबूत किया जा सकेगा।

Originally written on January 9, 2026 and last modified on January 9, 2026.

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