भारत में विश्व की दूसरी राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला का उद्घाटन
भारत ने पर्यावरणीय शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व की दूसरी राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है। यह अत्याधुनिक सुविधा नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर–राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला में स्थापित की गई है। प्रयोगशाला का उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने संस्थान के 80वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर किया। अब तक केवल यूनाइटेड किंगडम में ही इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला मौजूद थी।
नई प्रयोगशाला का महत्व
भारत में उपयोग किए जा रहे अधिकांश वायु प्रदूषण निगरानी उपकरण आयातित हैं और उनका अंशांकन विदेशी पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है। ये परिस्थितियां भारत की विविध जलवायु—तापमान, आर्द्रता और प्रदूषण स्तर—से काफी अलग होती हैं, जिससे मापन की दीर्घकालिक सटीकता प्रभावित होती है। नई राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला भारत-विशिष्ट परिस्थितियों में उपकरणों के परीक्षण और अंशांकन की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे वायु गुणवत्ता आंकड़ों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में सुधार होगा।
घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा
इस प्रयोगशाला के माध्यम से भारत में मानकीकृत वायु प्रदूषण निगरानी उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। अब उपकरणों के लिए विदेशी प्रमाणन एजेंसियों पर निर्भरता कम होगी, जिससे लागत और समय दोनों में कमी आएगी। इसके साथ ही भारत विकासशील देशों के लिए ऐसे उपकरणों का निर्यातक बन सकता है। वर्तमान में वैश्विक वायु प्रदूषण निगरानी प्रणाली बाजार का आकार लगभग 4 अरब डॉलर आंका गया है, जिसमें भारत के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
नीति समर्थन और स्वच्छ वायु लक्ष्य
यह प्रयोगशाला नियामक संस्थाओं, उद्योगों और स्टार्टअप्स को पारदर्शी और ट्रेसेबल अंशांकन सेवाएं प्रदान करेगी। सटीक और भरोसेमंद आंकड़ों से वायु गुणवत्ता से जुड़ी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम जैसे अभियानों को मजबूती मिलेगी, जिनका उद्देश्य प्रमुख शहरों में कणीय प्रदूषण को चरणबद्ध तरीके से कम करना है। बेहतर निगरानी से नियमों के अनुपालन और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का आकलन संभव होगा।
अक्षय ऊर्जा मानकों से जुड़ा व्यापक प्रयास
इसी अवसर पर भारत ने राष्ट्रीय प्राथमिक सौर सेल अंशांकन सुविधा का भी उद्घाटन किया। इससे भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास उन्नत फोटोवोल्टिक मापन मानक हैं। इस पहल से विदेशी मुद्रा की बचत, प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी और भारत के तेजी से बढ़ते सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत में विश्व की दूसरी राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
- यह प्रयोगशाला सीएसआईआर–राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, नई दिल्ली में स्थित है।
- इससे पहले केवल यूनाइटेड किंगडम में ऐसी सुविधा उपलब्ध थी।
- यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को सशक्त बनाती है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला की स्थापना भारत को पर्यावरणीय निगरानी, स्वदेशी विनिर्माण और नीति-आधारित निर्णयों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो स्वच्छ वायु और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करेगा।