भारत में लाइव इवेंट्स इकोनॉमी को बढ़ावा: सरकार ने ‘Live Events Development Cell’ की स्थापना की

भारत में लाइव इवेंट्स इकोनॉमी को बढ़ावा: सरकार ने ‘Live Events Development Cell’ की स्थापना की

भारत सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती लाइव इवेंट्स (Live Events) या कंसर्ट इकोनॉमी को संगठित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Live Events Development Cell (LEDC) की स्थापना की है। यह पहल न केवल रोजगार सृजन और पर्यटन को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि भारत को विश्व के प्रमुख लाइव मनोरंजन स्थलों में स्थान दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

लाइव इवेंट्स की बढ़ती आर्थिक अहमियत

भारत का संगठित लाइव इवेंट्स उद्योग अब मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है। वर्ष 2024 में इसकी बाजार कीमत ₹20,861 करोड़ आंकी गई थी, और 15% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ यह कई पारंपरिक मीडिया क्षेत्रों से आगे निकल चुका है।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, यह क्षेत्र 18% की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (CAGR) से आगे बढ़ेगा, और 2030 तक भारत को वैश्विक लाइव एंटरटेनमेंट हब में शामिल कर देगा।

LEDC की संरचना और उद्देश्य

LEDC (Live Events Development Cell) की स्थापना जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देशन में की गई थी। यह एक सिंगल विंडो सुविधा प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जहां केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, इंडस्ट्री एसोसिएशन, संगीत अधिकार संस्थाएं और प्रमुख इवेंट कंपनियां शामिल हैं।

इसका उद्देश्य लाइव इवेंट आयोजकों के सामने आने वाली अनुमोदन, समन्वय, नियामक और लॉजिस्टिक चुनौतियों को सरल और सुगम बनाना है।

रोजगार और पर्यटन पर प्रभाव

लाइव इवेंट्स क्षेत्र वर्तमान में एक करोड़ से अधिक रोजगार उपलब्ध कराता है। एक बड़े पैमाने पर आयोजित इवेंट में 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होता है — जिसमें इवेंट प्रबंधन, आतिथ्य, परिवहन, सुरक्षा और क्रिएटिव सेवाएं शामिल हैं।

WAVES समिट (मई 2025) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लाइव मनोरंजन का क्षेत्र निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक प्रभाव के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने की अपार संभावनाएं रखता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • LEDC की स्थापना जुलाई 2025 में की गई।
  • वर्ष 2024 में भारत का लाइव इवेंट्स बाज़ार ₹20,861 करोड़ था।
  • इस क्षेत्र की अनुमानित वार्षिक वृद्धि दर 18% है।
  • एक बड़े इवेंट में 15,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता है।

मेट्रो शहरों से आगे बढ़ते सांस्कृतिक केंद्र

BookMyShow की जनवरी–नवंबर 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टियर 2 और टियर 3 शहर नए सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

  • शिलॉन्ग में 213%, गुवाहाटी में 188% और कोकराझार में 143% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • विशाखापत्तनम ने 490% की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, उसके बाद वडोदरा 230% पर रहा।
  • कुल मिलाकर लाइव इवेंट उपभोग में 17%, थिएटर उपस्थिति में 45%, और इंटर-सिटी यात्रा में 18% की वृद्धि दर्ज हुई।

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि भारतीय जनता का झुकाव अब फिर से सांस्कृतिक और जीवंत आयोजनों की ओर बढ़ रहा है, और LEDC जैसी संस्थाएं इस प्रवृत्ति को नीति और प्रबंधन के स्तर पर समर्थन देने का कार्य करेंगी।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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