भारत में कृषि क्षेत्र को मजबूती: 184 नई फसल किस्मों का विमोचन और खाद्य सुरक्षा को नया बल

भारत में कृषि क्षेत्र को मजबूती: 184 नई फसल किस्मों का विमोचन और खाद्य सुरक्षा को नया बल

भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थायित्व और उत्पादकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित 184 नई फसल किस्मों को जारी किया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, जलवायु सहनशीलता को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

नई फसल किस्मों का विमोचन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में 25 फसलों की 184 किस्मों का विमोचन किया। इनमें शामिल हैं:

  • 60 किस्में चावल की
  • 50 किस्में मक्का की
  • 13 किस्में तिलहनों की
  • साथ ही दलहन, मोटे अनाज (मिलेट्स), गन्ना, कपास आदि की कई नई किस्में

इन फसल किस्मों में उच्च उपज, बेहतर पोषण गुणवत्ता, और कीट, रोग व जलवायु प्रतिरोध जैसे गुण शामिल हैं, जो उन्हें अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाते हैं।

भारत की खाद्य सुरक्षा और चावल में वैश्विक नेतृत्व

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने 150 मिलियन टन से अधिक चावल उत्पादन (2025) का आंकड़ा पार कर लिया है और अब चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बन गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में 3,200 से अधिक नई बीज किस्में विकसित की गई हैं, जो अनुसंधान व नवाचार को रेखांकित करती हैं।

कृषि योजना और नीति स्तर पर पहल

मंत्री ने बताया कि सरकार की योजना है कि किसी भी नई कृषि योजना का लाभ तीन वर्षों के भीतर देश के हर किसान तक पहुँचे

इसके लिए छह क्षेत्रीय (जोनल) कृषि सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं, जो रबी और खरीफ राष्ट्रीय सम्मेलनों से पहले होते हैं। इन बैठकों में राज्य और जलवायु क्षेत्र के अनुसार ‘कृषि रोडमैप’ तैयार किया जाता है, ताकि योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुकूल बनाई जा सकें।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ICAR ने 184 नई फसल किस्में 25 फसलों में जारी की हैं।
  • भारत का चावल उत्पादन 2025 में 150 मिलियन टन से अधिक रहा।
  • नई किस्मों में चावल, मक्का और तिलहन प्रमुख हैं।
  • रबी और खरीफ मौसम से पहले क्षेत्रीय कृषि रोडमैप तैयार किए जाते हैं।

बीज क्षेत्र में सुधार की तैयारी

मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार आगामी संसद सत्र में बीज विधेयक (Seed Bill) लाने पर विचार कर रही है। इस विधेयक से बीज क्षेत्र में नियमन, गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

यह कदम किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ कृषि अनुसंधान और नवाचार को भी नई दिशा देगा।

यह समग्र पहल भारत को न केवल खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है, बल्कि वैश्विक कृषि नेतृत्व में भी देश को एक अग्रणी स्थान दिला रही है।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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