भारत-ब्रिटेन के बीच सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को नई गति
भारत और यूनाइटेड किंगडम ने सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है। 19वीं यूके-भारत एयर स्टाफ वार्ता के बाद यह घोषणा की गई कि भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षक पहली बार ब्रिटिश फास्ट जेट पायलटों को प्रशिक्षण देंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक विश्वास और परिचालन समन्वय का प्रतीक माना जा रहा है।
आरएएफ वैली में पहली बार भारतीय प्रशिक्षकों की तैनाती
समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स (क्यूएफआई) को यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख फास्ट जेट प्रशिक्षण केंद्र आरएएफ वैली में तैनात किया जाएगा। यह तैनाती प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए होगी।
यह पहला अवसर है जब भारतीय प्रशिक्षक रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को फास्ट जेट प्रशिक्षण देंगे। इससे पहले जनवरी 2026 में भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को रॉयल एयर फोर्स कॉलेज क्रैनवेल में प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था, जहां भावी आरएएफ अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
यह पहल दर्शाती है कि दोनों वायु सेनाओं के बीच पेशेवर दक्षता और परस्पर विश्वास का स्तर काफी ऊंचा हो चुका है।
ब्रिटेन की प्रमुख सैन्य अकादमियों में भारतीय अधिकारी
ताजा विकास के साथ अब ब्रिटेन की तीनों प्रमुख सैन्य अकादमियों में भारतीय अधिकारी प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। मई 2024 से एक भारतीय नौसेना अधिकारी ब्रिटानिया रॉयल नेवल कॉलेज डार्टमाउथ में तैनात हैं, जबकि मई 2025 से एक भारतीय थलसेना अधिकारी रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट में सेवाएं दे रहे हैं।
इन संस्थानों में भारतीय अधिकारियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि द्विपक्षीय सैन्य सहयोग का दायरा प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास तक विस्तृत हो चुका है।
रक्षा सहयोग का बढ़ता दायरा
हाल के वर्षों में भारत-ब्रिटेन रक्षा संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2025 में दोनों देशों ने अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त समुद्री अभ्यास आयोजित किया, जिसमें कैरियर स्ट्राइक ग्रुप शामिल थे। इसके बाद राजस्थान में संयुक्त थलसेना अभ्यास ‘अजेय वॉरियर’ का आयोजन किया गया।
भारतीय वायुसेना ने 2023 में पहली बार ब्रिटेन द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘कोबरा वॉरियर’ में भाग लिया, जबकि 2024 में रॉयल एयर फोर्स ने भारत के ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में हिस्सा लिया। ये अभ्यास परिचालन समन्वय और अंतर-संचालनीयता को मजबूत करने में सहायक रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* आरएएफ वैली यूनाइटेड किंगडम का प्रमुख फास्ट जेट प्रशिक्षण अड्डा है।
* एयर स्टाफ वार्ता भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक उच्च-स्तरीय सैन्य संवाद है।
* ‘कोबरा वॉरियर’ एक बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है जिसकी मेजबानी ब्रिटेन करता है।
* ‘तरंग शक्ति’ भारत द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु युद्धाभ्यास है।
भारत और ब्रिटेन के बीच यह नया प्रशिक्षण समझौता दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को और सुदृढ़ करता है। इससे न केवल पेशेवर सैन्य कौशल का आदान-प्रदान बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में दोनों देशों की संयुक्त तैयारी भी मजबूत होगी। यह सहयोग भविष्य में रक्षा क्षेत्र में और गहरे सामंजस्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।