भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G उपयोगकर्ता देश: डिजिटल इंडिया की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत ने डिजिटल क्रांति की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G ग्राहक आधार बना लिया है, जो अब केवल चीन से पीछे है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की कि भारत में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 400 मिलियन (40 करोड़) से अधिक हो चुकी है, जो इसे विश्व में सबसे तेजी से 5G अपनाने वाले देशों में शामिल करता है।
तेज़ गति से हुआ 5G नेटवर्क का विस्तार
भारत में 2022 में 5G सेवाओं के वाणिज्यिक लॉन्च के बाद से नेटवर्क का विस्तार अभूतपूर्व रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- 5G सेवाएं 99.6% जिलों तक पहुँच चुकी हैं।
- ये सेवाएं लगभग 85% जनसंख्या को कवर करती हैं।
- देशभर में लगभग 4.69 लाख 5G बेस ट्रांससीवर स्टेशन (BTS) लगाए जा चुके हैं।
- लगभग 25 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ता 5G नेटवर्क में माइग्रेट कर चुके हैं।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत ने वैश्विक स्तर पर सबसे तेज 5G नेटवर्क विस्तार में से एक को पूरा किया है।
ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी का सशक्तिकरण
5G के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी सुधार हुआ है:
- मार्च 2014 से सितंबर 2025 के बीच ग्रामीण टेलीफोन कनेक्शन में 42.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जो शहरी क्षेत्रों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
- इस अवधि में ग्रामीण कनेक्शन 377.78 मिलियन से बढ़कर 539.83 मिलियन हो गए।
- भारत के इंटरनेट उपयोगकर्ता 2025 तक 100.29 करोड़ हो चुके हैं, जो 2014 के 25.15 करोड़ से लगभग 299% वृद्धि दर्शाते हैं।
आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी तकनीक
आत्मनिर्भर भारत मिशन के अंतर्गत भारत ने टेलीकॉम सेक्टर में स्वदेशी तकनीक पर विशेष बल दिया है:
- भारत अब विश्व का पाँचवां देश बन गया है जिसने स्वदेशी 4G तकनीकी स्टैक विकसित किया है, जिसे 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।
- यह उपलब्धि केवल दो वर्षों में प्राप्त हुई है, जो वैश्विक औसत समय से काफी तेज़ है।
- साथ ही, 6G अनुसंधान और विकास (R&D) के प्रयास भी समानांतर रूप से चल रहे हैं, जिससे भविष्य की तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत 5G ग्राहकों की संख्या में दुनिया में दूसरे स्थान पर है, पहले स्थान पर चीन है।
- 4.69 लाख से अधिक 5G BTS मार्च 2025 तक स्थापित किए जा चुके हैं।
- भारत ने स्वदेशी 4G स्टैक विकसित किया है, जो 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।
- 6G अनुसंधान भी प्रगति पर है।
डिजिटल परिवर्तन में वैश्विक मानक स्थापित
सरकार ने भारत की 5G यात्रा को विस्तार, गति और किफायती सेवाओं के मामले में वैश्विक मानक स्थापित करने वाला बताया है। मजबूत नीति समर्थन, बढ़ती उपयोगकर्ता भागीदारी, और स्वदेशी नवाचारों के बल पर भारत एक अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक दूरसंचार भविष्य का नेतृत्वकर्ता बनने की ओर अग्रसर है।
यह उपलब्धि केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि डिजिटल समावेशन, आर्थिक विकास और रणनीतिक आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।