भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में नई गति: राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा पर विशेष
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस उच्चस्तरीय यात्रा की घोषणा करते हुए इसे दोनों देशों के दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
भारत–फ्रांस संबंधों की पृष्ठभूमि और यात्रा का महत्व
यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 में फ्रांस यात्रा के लगभग एक वर्ष बाद हो रही है, जिससे दोनों देशों के बीच निरंतर और सक्रिय कूटनीतिक संवाद की पुष्टि होती है। राष्ट्रपति मैक्रों पहले ही भारत–फ्रांस द्वारा Artificial Intelligence Summit में संयुक्त नेतृत्व जैसे साझा उपलब्धियों को रेखांकित कर चुके हैं। उनकी यह भारत यात्रा, इन पहलों को आगे बढ़ाने और रणनीतिक व नवोन्मेषी क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने के लिए की जा रही है।
‘Horizon 2047’ रोडमैप: बातचीत का मूल केंद्र
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं का केंद्र बिंदु Horizon 2047 Roadmap होगा। यह रोडमैप भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ (2047) तक के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को दिशा देने वाला एक 25 वर्षीय रणनीतिक ढांचा है। इसमें निम्न क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है:
- रक्षा एवं सुरक्षा
- स्वच्छ ऊर्जा
- डिजिटल तकनीक
- अंतरिक्ष क्षेत्र
- शिक्षा
- जन-जन संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग
इसका उद्देश्य दीर्घकालिक रणनीतिक समन्वय और साझेदारी को सुदृढ़ करना है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विमर्श
भारत और फ्रांस के नेता इस यात्रा के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे। समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था दोनों देशों की साझा प्राथमिकताएँ हैं।
साथ ही, वैश्विक शासन से जुड़ी चुनौतियाँ और बहुपक्षीय मंचों में सहयोग पर भी चर्चा की संभावना है, जिससे वैश्विक मंचों पर समन्वित कार्यवाही को बल मिल सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और फ्रांस रणनीतिक साझेदार हैं और उनके बीच Horizon 2047 Roadmap पर औपचारिक सहमति है।
- यह रोडमैप भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष (2047) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
- दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- वर्ष 2026 को भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष घोषित किया गया है।
नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 की संयुक्त रूप से शुरुआत करेंगे। यह वर्षभर चलने वाला अभियान उन्नत तकनीकों, सतत विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में भी भाग लेंगे, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ट्रस्ट और प्रौद्योगिकी आधारित विकास को लेकर भारत–फ्रांस साझेदारी के विस्तार का प्रतीक बनेगा।
राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा भारत–फ्रांस संबंधों में न केवल रणनीतिक गहराई लाएगी, बल्कि दोनों देशों को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में साझेदारी निभाने की नई दिशा भी प्रदान करेगी।