भारत ने SAFF U-19 महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप जीती: बांग्लादेश को फाइनल में 4-0 से हराया
नेपाल के पोखरा रंगशाला स्टेडियम में खेले गए SAFF अंडर-19 महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 4-0 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। यह जीत यंग टाइग्रेस के लिए सिर्फ एक खिताबी सफलता ही नहीं, बल्कि ग्रुप स्टेज में मिली पिछली हार का जोरदार बदला भी थी।
फाइनल में शानदार प्रदर्शन
भारतीय कप्तान जुलान नोंगमैथम ने शुरुआती गोल कर टीम को नियंत्रण दिलाया। इसके बाद एलिज़ाबेथ लकड़ा और पर्ल फर्नांडीस ने लगातार गोल कर बढ़त को और मजबूत किया। अंत में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी अन्विता रघुरामन ने चौथा गोल दागकर बांग्लादेश की वापसी की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया।
पूरे मैच के दौरान भारत ने आक्रामक रुख और रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा, जिससे विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं मिला।
ग्रुप स्टेज की हार का बदला
इस जीत की खास बात यह थी कि ग्रुप चरण में भारत को बांग्लादेश के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन फाइनल में भारतीय टीम ने बेहतर रणनीतिक संगठन, सटीक फिनिशिंग और शांतचित्त खेल के साथ दमदार वापसी की, यह दिखाते हुए कि टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कितनी प्रगति की है।
एशियाई प्रतियोगिता की तैयारी का हिस्सा
दिलचस्प बात यह है कि भारत ने इस अंडर-19 टूर्नामेंट में अपनी अंडर-17 महिला राष्ट्रीय टीम को उतारा था। इसका उद्देश्य था आने वाली AFC अंडर-17 महिला एशियन कप की तैयारी करना।
इससे टीम को क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव मिला और नॉकआउट मुकाबलों में दबाव का सामना करने की क्षमता भी विकसित हुई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- SAFF का अर्थ है South Asian Football Federation।
- यह टूर्नामेंट दक्षिण एशिया की अंडर-19 महिला टीमों के बीच आयोजित होता है।
- पोखरा रंगशाला स्टेडियम, नेपाल में स्थित है।
- भारत ने इस टूर्नामेंट में AFC U-17 महिला एशियन कप की तैयारी के तहत U-17 टीम को भेजा।
महिला फुटबॉल विकास के लिए सकारात्मक संकेत
यह खिताबी जीत भारत की युवा महिला फुटबॉल संरचना की गहराई को दर्शाती है। SAFF U-19 महिला चैम्पियनशिप में यह सफलता न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि एशियाई स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत मंच भी प्रदान करती है।
यह भारत के महिला फुटबॉल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धात्मक और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।