भारत ने मनाया 10वां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस: सेवा, बलिदान और पुनःसमर्पण का राष्ट्रीय सम्मान

भारत ने मनाया 10वां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस: सेवा, बलिदान और पुनःसमर्पण का राष्ट्रीय सम्मान

भारत ने 14 जनवरी 2026 को 10वां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस (Defence Forces Veterans’ Day) मनाया, जिसके अंतर्गत पूरे देश में पूर्व सैनिकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों ने न केवल पूर्व सैनिकों की सेवा और बलिदान को सम्मानित किया, बल्कि उनके सतत योगदान को भी रेखांकित किया जो वे नागरिक जीवन में देते आ रहे हैं। देश भर में रैलियाँ, पुष्पांजलि समारोह, शिकायत निवारण शिविर और सहायता डेस्क लगाए गए, जो भारत की संस्थागत और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मुख्य राष्ट्रीय समारोह: मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली कैंट

इस वर्ष का केंद्रीय आयोजन मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली कैंट में हुआ, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से लगभग 2,500 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों को राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ बताते हुए युवाओं को मार्गदर्शन देने, अग्निवीरों का परामर्शदाता बनने, आपातकालीन स्थितियों में नागरिक प्रशासन की सहायता करने और जमीनी स्तर पर देशभक्ति को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि “एक सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उसकी सेवा भावना जीवन भर बनी रहती है।”

ऑपरेशन पवन और IPKF के योगदान की औपचारिक मान्यता

रक्षा मंत्री ने श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा बल (IPKF) के हिस्से के रूप में ऑपरेशन पवन में भाग लेने वाले सैनिकों को विशेष श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके साहस और बलिदान को पहले उचित मान्यता नहीं मिल पाई थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने IPKF के योगदान को औपचारिक मान्यता दी है, और अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर उन्हें सम्मानित किया जाता है।

पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सरकारी पहलें

राजनाथ सिंह ने वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना के कार्यान्वयन और पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के विस्तार को सरकार की प्रतिबद्धता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों की गरिमामय और आत्मनिर्भर सेवानिवृत्ति के लिए टेलीमेडिसिन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएँ, कौशल विकास, सार्वजनिक क्षेत्र में प्राथमिकता रोजगार, और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है।
  • यह दिवस फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की 1953 में सेवानिवृत्ति की स्मृति में मनाया जाता है।
  • वन रैंक वन पेंशन योजना समान रैंक और सेवा अवधि वाले सैनिकों के लिए समान पेंशन सुनिश्चित करती है।
  • ECHS योजना के अंतर्गत वर्तमान में 64 लाख से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं।

देशव्यापी सहभागिता और संस्थागत सहयोग

पूर्व सैनिक कल्याण सचिव सुकृति लिखी ने बताया कि हर साल लगभग 60,000 सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं, जिससे देश में लगभग 35 लाख पूर्व सैनिकों की जनसंख्या बनती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान सहित वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व भी समारोह में उपस्थित रहा।

अमृतसर, पुणे, गुवाहाटी और कोच्चि जैसे शहरों में पूर्व सैनिक रैलियाँ आयोजित की गईं, जिनका संचालन राज्य एवं जिला सैनिक बोर्डों द्वारा किया गया। इन आयोजनों में शिकायत निवारण, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और समुदायिक संवाद को बल मिला।

यह दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा में लगे उन वीरों के सतत योगदान की स्वीकृति है, जो आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

Originally written on January 16, 2026 and last modified on January 16, 2026.

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