भारत ने पहली बार अमेरिका के वेस्ट कोस्ट को निर्यात किया जेट ईंधन
भारत ने अपने परिष्कृत पेट्रोलियम व्यापार में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका के वेस्ट कोस्ट (पश्चिमी तट) को जेट ईंधन का निर्यात किया है। यह आपूर्ति कैलिफोर्निया में जेट फ्यूल उत्पादन बाधित होने के बाद अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन (Chevron) को की गई, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा निर्यात क्षमता का प्रमाण है।
जामनगर से रवाना हुआ ऐतिहासिक खेप
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के विश्व-प्रसिद्ध जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स से 28 से 29 अक्टूबर के बीच 60,000 मीट्रिक टन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की खेप रवाना की गई। यह मालवाहक जहाज़ हाफ्निया कल्लांग (Hafnia Kallang), जिसे कैसलटन कमोडिटीज़ ने चार्टर किया था, दिसंबर की शुरुआत में लॉस एंजिलिस पहुँचेगा। यह पहली बार है जब भारत से सीधे अमेरिकी पश्चिमी तट को जेट ईंधन भेजा गया है।
शेवरॉन रिफाइनरी में खराबी से उत्पन्न हुआ निर्यात अवसर
यह निर्यात अवसर शेवरॉन की एल सेगुंडो (El Segundo) रिफाइनरी में उत्पादन ठप होने के कारण उत्पन्न हुआ। यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 2.85 लाख बैरल क्षमता वाली है और इसकी जेट फ्यूल इकाई में तकनीकी समस्या आने से स्थानीय आपूर्ति बाधित हो गई थी। मरम्मत कार्य 2026 की शुरुआत तक जारी रहने की संभावना है, जिससे अमेरिकी बाजार को अस्थायी रूप से बाहरी आपूर्तियों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
बाजार स्थितियाँ और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा
यद्यपि यह सौदा भारत के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, लेकिन अमेरिकी वेस्ट कोस्ट को भारत से नियमित आपूर्ति की संभावना फिलहाल कम है। इसका कारण पूर्वोत्तर एशिया (विशेष रूप से दक्षिण कोरिया) से सस्ती परिवहन लागत और स्थिर माल ढुलाई दरें हैं। हाल के महीनों में दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई देशों से अमेरिका के पश्चिमी तट तक जेट ईंधन की आपूर्ति पाँच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बल मिला है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत ने पहली बार 60,000 मीट्रिक टन जेट ईंधन अमेरिका के वेस्ट कोस्ट को निर्यात किया।
- यह खेप रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की जामनगर रिफाइनरी से भेजी गई।
- शेवरॉन की एल सेगुंडो रिफाइनरी में उत्पादन रुकने से यह निर्यात संभव हुआ।
- अमेरिका के वेस्ट कोस्ट पर जेट फ्यूल भंडार तीन महीने के निम्नतम स्तर पर पहुँच चुके हैं।
कीमतें और आपूर्ति परिदृश्य
अमेरिकी वेस्ट कोस्ट पर जेट फ्यूल की कीमतें हाल में सिंगापुर की स्पॉट दरों से अधिक दर्ज की गईं, जिससे विदेशी आयात आर्थिक रूप से व्यावहारिक हो गया। हालांकि यह स्थिति अस्थायी है, लेकिन जब तक रिफाइनरी की मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक आपूर्ति की कमी बनी रहने की संभावना है। इससे निकट भविष्य में बाहरी स्रोतों से आयात की मांग बरकरार रहने की उम्मीद है।