भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026: जनजातीय संस्कृति और उद्यमिता का महोत्सव
नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में 18 से 30 मार्च 2026 तक आयोजित भारत ट्राइब्स फेस्ट देश की जनजातीय विरासत, कला और उद्यमिता को प्रदर्शित करने वाला एक भव्य आयोजन है। भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED) और जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जुआल ओराम द्वारा किया गया। यह आयोजन जनजातीय समुदायों की रचनात्मकता और आर्थिक क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।
जनजातीय कला, शिल्प और व्यंजन का प्रदर्शन
इस महोत्सव में जनजातीय कला, हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक व्यंजनों का व्यापक प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जो 78 वन धन विकास केंद्रों और 300 से अधिक कारीगरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह मंच न केवल जनजातीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराता है, बल्कि लोगों को इन कारीगरों से सीधे संवाद करने का अवसर भी देता है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
“फॉरेस्ट-टू-प्लेट” और सांस्कृतिक अनुभव
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण “फॉरेस्ट-टू-प्लेट” पहल है, जिसमें लगभग 120 प्रतिभागी पारंपरिक जनजातीय व्यंजनों को प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा, 17 लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जा रहे हैं, जहां दर्शक पारंपरिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकते हैं। सांस्कृतिक संध्याओं में 400 से अधिक कलाकारों द्वारा लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, जो इस आयोजन को और अधिक जीवंत बनाती हैं।
भारत ट्राइब्स बिजनेस कॉन्क्लेव
19 से 27 मार्च के बीच आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और जनजातीय उद्यमियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। इसमें सतत वस्त्र, जनजातीय खाद्य प्रणाली, नैतिक बाजार और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही, यह मंच पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और जनजातीय युवाओं एवं महिलाओं के कौशल विकास पर भी जोर देता है।
RISA पहल और CSR सहयोग
इस महोत्सव में RISA पहल को विशेष महत्व दिया गया है, जिसमें प्रमुख डिजाइनर जनजातीय कारीगरों के साथ मिलकर पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिक फैशन में ढाल रहे हैं। एरी सिल्क, कोटपाड कपास और डोंगरिया कढ़ाई जैसे शिल्पों को वैश्विक बाजार के अनुरूप प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके अलावा, 24 मार्च को आयोजित CSR कॉन्क्लेव कॉर्पोरेट संस्थाओं और जनजातीय उद्यमियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देगा, जिससे सतत आजीविका को प्रोत्साहन मिलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- TRIFED जनजातीय उत्पादों के विपणन और संवर्धन के लिए कार्य करता है।
- वन धन विकास केंद्र जनजातीय वनोपज के मूल्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- सुंदर नर्सरी नई दिल्ली का एक प्रमुख सांस्कृतिक और विरासत स्थल है।
- ऐसे आयोजन जनजातीय समुदायों की आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देते हैं।
अंततः, भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 न केवल जनजातीय संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह आर्थिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह आयोजन पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक बाजार के बीच एक सेतु का कार्य करता है, जिससे जनजातीय समुदायों को नई पहचान और अवसर मिलते हैं।