भारत को 2028 विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी
भारत को वर्ष 2028 की विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार मिला है, जो देश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहली बार होगा जब भारत इस प्रतिष्ठित वैश्विक इनडोर ट्रैक और फील्ड प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। यह आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम परिसर में होगा, जो भारत के बढ़ते खेल बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
ऐतिहासिक उपलब्धि और वैश्विक मान्यता
यह निर्णय पोलैंड के टोरुन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल की बैठक में लिया गया। इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बहादुर सिंह सगू ने इसे भारत की बढ़ती खेल क्षमता और वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता का प्रमाण बताया। यह कदम दर्शाता है कि भारत अब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
कलिंगा स्टेडियम: आधुनिक खेल केंद्र
भुवनेश्वर का कलिंगा स्टेडियम भारत के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक बन चुका है। यहां अत्याधुनिक इंडोर एथलेटिक्स सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। यह स्टेडियम पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर चुका है, जिससे इसकी तैयारियों और क्षमता पर विश्वास बढ़ा है।
चैंपियनशिप का स्वरूप
विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप एक प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिता है, जिसमें कुल 26 इवेंट होते हैं—13 पुरुषों के लिए और 13 महिलाओं के लिए। यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलती है। वर्ष 2026 का संस्करण टोरुन, पोलैंड में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहली बार 4×400 मीटर मिश्रित रिले को शामिल किया गया है। यह नई प्रतियोगिता खेल में विविधता और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा किया जाता है।
- भारत पहली बार 2028 में इस प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा।
- कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर, ओडिशा में स्थित है।
- 2026 संस्करण में 4×400 मीटर मिश्रित रिले को पहली बार शामिल किया गया है।
भारत में इस प्रतियोगिता का आयोजन देश के खेल ढांचे को और मजबूत करेगा तथा युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा। इससे खेलों में भागीदारी बढ़ेगी और भारत की वैश्विक खेल पहचान को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यह उपलब्धि भारत की उस महत्वाकांक्षा को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करना चाहता है।